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जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा।
Updated Mon, 24 Aug 2015 12:34 AM IST
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंश कंपनी लि अंधेरी (ईस्ट) मुंबई को परिवादी को पति के बीमा दावे के चार लाख रुपये और 10 हजार रुपये मानसिक वेदना के भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
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ग्राम पलना (ढौरा) निवासी गणेश राम ने 19 मार्च 2013 को एसबीआई अल्मोड़ा शाखा से जनरल व्यक्तिगत दुर्घटना पॉलिसी के अंतर्गत 100 रुपये का बीमा करवाया था।
बैंक ने आवेदन पत्र धनराशि समेत एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. जैक्सन आफ पेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे एंड अंधेरी कुली रोड अंधेरी (ईस्ट) मुंबई को भेज दिया।
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पंजीकरण स्वीकार करते हुए कंपनी ने गणेश राम को चार लाख रुपये की बीमा सुरक्षा प्रदान की। 24 जुलाई 2013 को गणेश राम की मौत हो गई। उसकी पत्नी बसंती देवी ने बीमा दावे के लिए आवेदन किया।
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कंपनी ने गणेश राम की आयु बीमा शर्तों के अधीन नहीं होने और कहा कि बीमा पालिसी 18 से 65 उम्र के खाताधारकों के लिए ही है। मृतक की जन्म तिथि तीन मई 1947 है।
कंपनी का कहना था कि परिवादी ने इसके बाद गणेश राम की जन्म तिथि 12 मार्च 1948 और 16 जुलाई 1959 के पत्र भी प्रस्तुत किए हैं।
जो अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए हैं। इसलिए परिवाद निरस्त करने योग्य हैं। लेकिन कंपनी न्यायालय में ऐसा कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सकी कि पॉलिसी कराते समय गणेश राम ने कोई असत्य कथन कहे थे।
न्यायालय ने माना कि यदि गणेश राम धोखा देना चाहता तो वह उम्र कम लिखाता। इसकेे बावजूद कंपनी ने बीमा पॉलिसी स्वीकार की। ऐसे में बीमा कंपनी अपने दायित्वों से इंकार नहीं कर सकती है।
फोरम के अध्यक्ष जिला जज रवींद्र मैठाणी, सदस्य लीला जोशी, सदस्य प्रभात चौधरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया कि बीमा कंपनी परिवादी को चार लाख रुपये बीमा दावे की धनराशि और 10 हजार रुपये मानसिक वेदना एक माह के भीतर अदा करे।
निश्चित अवधि में धनराशि अदा नहीं करने पर परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि 10 दिसंबर 2014 से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी पाने की अधिकारी परिवादी होगी।