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शराब के खिलाफ रानीखेत की सड़कों पर जनसैलाब
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत, अल्मोड़ा
Updated Tue, 13 Dec 2016 10:10 PM IST
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नशे के खिलाफ रैली निकालते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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नशा हटाने, पलायन रोकने की मांग को लेकर पर्यटन नगरी की सड़कों में ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नशा हटाओ, पलायन रोको, पहाड़ बचाओ पद यात्रा के तहत नगर में जनचेतना रैली निकाली गई। दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों की संख्या में लोगों ने रैली में भाग लिया, बाद में केमू स्टेशन में सभा हुई। तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजे गए।
नशा हटाओ, पलायन रोको, पहाड़ बचाओ पद यात्रा पिछले लंबे समय से क्षेत्र में संचालित हो रही है। इसके तहत ताड़ीखेत और भिकियासैंण के सैकड़ों गांवों में लोगों को शराब उन्मूलन की शपथ दिलाई गई है। पदयात्रा के दूसरे चरण के समापन पर रानीखेत में चेतना रैली निकाली गई। जिसके तहत ताड़ीखेत और भिकियासैंण क्षेत्र के हजारों की संख्या में महिला पुरुषों ने पहुंचकर नशे के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। बाजार में विशाल रैली निकाली।
बाद में केमू स्टेशन पर सभा हुई, जिसमें पदयात्रा के संयोजक डा. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि प्रदेश की सरकारों की उपेक्षा के चलते पहाड़ खाली हो गए हैं। पलायन रोकने और शराब पर अंकुश लगाने के लिए अभी तक ठोस नीतियां नहीं बनाई गई हैं। खेती चौपट है, जंगली जानवरों के आतंक को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। सरकारों ने गांवों को बसाने की बातें तो कीं, लेकिन धरातल पर कुछ काम नहीं किया। गांवों में बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्थाएं बदहाल हैं। इस दौरान वक्ताओं में नशा और पलायन की समस्या को लेकर जमकर आक्रोश देखा गया। बाद में तहसीलदार दामोदर पांडेय के माध्यम से सरकारों को ज्ञापन भेजे गए। इस मौके पर शंकर ठाकुर, विनोद कुवार्बी, हरीश बौड़ाई, दिनेश घुघ्त्याल, मदन उप्रेती, गोविंद उप्रेती, गोपाल करायत, जीवन सिंह, दिनेश तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद थे।
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नशा हटाओ, पलायन रोको, पहाड़ बचाओ पद यात्रा पिछले लंबे समय से क्षेत्र में संचालित हो रही है। इसके तहत ताड़ीखेत और भिकियासैंण के सैकड़ों गांवों में लोगों को शराब उन्मूलन की शपथ दिलाई गई है। पदयात्रा के दूसरे चरण के समापन पर रानीखेत में चेतना रैली निकाली गई। जिसके तहत ताड़ीखेत और भिकियासैंण क्षेत्र के हजारों की संख्या में महिला पुरुषों ने पहुंचकर नशे के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। बाजार में विशाल रैली निकाली।
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बाद में केमू स्टेशन पर सभा हुई, जिसमें पदयात्रा के संयोजक डा. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि प्रदेश की सरकारों की उपेक्षा के चलते पहाड़ खाली हो गए हैं। पलायन रोकने और शराब पर अंकुश लगाने के लिए अभी तक ठोस नीतियां नहीं बनाई गई हैं। खेती चौपट है, जंगली जानवरों के आतंक को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। सरकारों ने गांवों को बसाने की बातें तो कीं, लेकिन धरातल पर कुछ काम नहीं किया। गांवों में बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्थाएं बदहाल हैं। इस दौरान वक्ताओं में नशा और पलायन की समस्या को लेकर जमकर आक्रोश देखा गया। बाद में तहसीलदार दामोदर पांडेय के माध्यम से सरकारों को ज्ञापन भेजे गए। इस मौके पर शंकर ठाकुर, विनोद कुवार्बी, हरीश बौड़ाई, दिनेश घुघ्त्याल, मदन उप्रेती, गोविंद उप्रेती, गोपाल करायत, जीवन सिंह, दिनेश तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद थे।
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