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Almora News: सूखने लगीं जल संस्थान की योजनाएं, गहराया पेयजल संकट
Mon, 06 May 2024 12:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 06 May 2024 12:21 AM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। गर्मी का असर पेयजल योजनाओं पर पड़ने लगा है। जलस्तर कम होने से योजनाएं सूखने लगी हैं और लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। सल्ट विकासखंड के 50 गांवों की प्यास बुझाने वाली क्षेत्र की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना ने जवाब दे दिया है। हालात यह हैं कि इस योजना से किसी तरह तीसरे दिन सिर्फ 40 से 50 लीटर पानी ही लोगों को मिल रहा है। ऐसे में 15 हजार से अधिक की आबादी जल संकट से जूझ रही है।
सल्ट विकासखंड के मौलेखाल, शशिखाल, पोखरी, बैला, देवायल, हिनौला, करगेत, कपरढैया, जालीखान सहित 50 गांवों को जलापूर्ति करने के लिए 1965 में गुलार-करगेत पेयजल योजना का निर्माण किया गया था जो क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना है। गर्मी बढ़ने के साथ गुलार गधेरे का पानी 90 प्रतिशत से अधिक घट गया है और इससे संचालित योजना जवाब देने लगी है। बीते एक माह से इस योजना से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही और इन गांवों की 15 हजार से अधिक की आबादी जल संकट से जूझ रही है। योजना से एक परिवार को तीसरे दिन सिर्फ 40 से 50 लीटर पानी मिल रहा है जो की काफी नहीं है। ऐसे में जल संस्थान टैंकरों से लोगों को पानी उपलब्ध कराने की कठिन चुनौती से गुजर रहा है। सड़क से सटे गांव के लोगों को पानी मिल रहा है, लेकिन दूरस्थ गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। संवाद
सीएचसी देवायल में भी पानी की दिक्कत
मौलेखाल। गुलार-करगेत पेयजल योजना से सीएचसी देवायल में जलापूर्ति होती है। योजना के सूखने के कारण अस्पताल में भी पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है, इससे मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मियों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। मरीज और तीमारदार दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं। संवाद
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कोट
जलस्तर घटने से गुलार-करगेत योजना से जलापूर्ति नहीं हो रही। टैंकरों से पानी बांटकर लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। जल संस्थान लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।
- माहिप शर्मा, जेई, जल संस्थान, सल्ट
सल्ट विकासखंड के मौलेखाल, शशिखाल, पोखरी, बैला, देवायल, हिनौला, करगेत, कपरढैया, जालीखान सहित 50 गांवों को जलापूर्ति करने के लिए 1965 में गुलार-करगेत पेयजल योजना का निर्माण किया गया था जो क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना है। गर्मी बढ़ने के साथ गुलार गधेरे का पानी 90 प्रतिशत से अधिक घट गया है और इससे संचालित योजना जवाब देने लगी है। बीते एक माह से इस योजना से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही और इन गांवों की 15 हजार से अधिक की आबादी जल संकट से जूझ रही है। योजना से एक परिवार को तीसरे दिन सिर्फ 40 से 50 लीटर पानी मिल रहा है जो की काफी नहीं है। ऐसे में जल संस्थान टैंकरों से लोगों को पानी उपलब्ध कराने की कठिन चुनौती से गुजर रहा है। सड़क से सटे गांव के लोगों को पानी मिल रहा है, लेकिन दूरस्थ गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। संवाद
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सीएचसी देवायल में भी पानी की दिक्कत
मौलेखाल। गुलार-करगेत पेयजल योजना से सीएचसी देवायल में जलापूर्ति होती है। योजना के सूखने के कारण अस्पताल में भी पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है, इससे मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मियों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। मरीज और तीमारदार दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं। संवाद
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जलस्तर घटने से गुलार-करगेत योजना से जलापूर्ति नहीं हो रही। टैंकरों से पानी बांटकर लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। जल संस्थान लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।
- माहिप शर्मा, जेई, जल संस्थान, सल्ट