{"_id":"5f6ce3d58ebc3eb5b711dc1f","slug":"investigation-committee-submitted-report-in-case-of-receiving-objectionable-material-related-to-intoxication-almora-news-hld3981267126","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशे से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिलने के मामले में जांच कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशे से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिलने के मामले में जांच कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी
विज्ञापन
्रो. नीरज तिवारी, निदेशक एसएसजे परिसर अल्मोड़ा।
- फोटो : ALMORA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में पिछले दिनों नशे से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मामले को लेकर जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। बृहस्पतिवार को जांच कमेटी ने रिपोर्ट परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी को सौंप दी है। मामले की जांच अब नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ करेगा।
पिछले दिनों एसएसजे परिसर के छात्रसंघ भवन में नशीले पदार्थ से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। इसके बाद मामथले ने तूल पकड़ लिया था। काफी हंगामा होने के बाद परिसर निदेशक और प्रॉक्टर ने त्यागपत्र दे दिया था। नशे से जुड़ी सामग्री मिलने के मामले में जांच कमेटी का गठन किया गया था। इसमें प्रो. भीमा मनराल अध्यक्ष और डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. एके नवीन, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजन चंद्र जोशी, पूर्व महासचिव आशीष पंत सदस्य थे। पिछले बुधवार को प्रो. भीमा की अध्यक्षता में जांच कमेटी की बैठक हुई। कोई निर्णय न निकलने के बाद फिर से एक और बैठक हुई।
इधर बृहस्पतिवार को प्रकरण को लेकर जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। कमेटी ने जांच रिपोर्ट परिसर के नए निदेशक प्रो. तिवारी को सौंपी। निदेशक ने बताया कि पूर्व निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट और पूर्व प्रॉक्टर संजीव आर्या के बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती के अनुपस्थित रहने को लेकर जांच आगे नहीं बढ़ाई जा सकती है। जांच पूरी करने के बाद अब आगे की जांच पूर्व में गठित की गई नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ करेगी। नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया जाएगा।
विज्ञापन
--
जांच कमेटी ने जताई आपत्ति
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में नशे से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिलने के प्रकरण को लेकर जांच कमेटी की रिपोर्ट में मामले को लेकर कई आपत्तियां जताई हैं। कमेटी ने मामले में कई अनियमितता की आशंका जताई है। सदस्यों का कहना है कि नशे से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद शीघ्र ही भवन को सील कर देना चाहिए था लेकिन दो दिन तक भवन सील नहीं किया गया। वहां की कोई भी सामग्री को कब्जे में लेना चाहिए था। जांच कमेटी को प्रकरण के दो दिनों बाद चाबी सौंपी गई। डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती बैठक में नहीं पहुंची थी। संवाद
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने शिलापट से पेंट पोतने के मामले में जताई नाराजगी
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में शिलापट से छात्रसंघ पदाधिकारियों के नाम मिटाने के मामले में पदाधिकारियों में रोष है। बृहस्पतिवार को एक बार फिर छात्रसंघ पदाधिकारियों ने परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी से मुलाकात कर नाराजगी जताई। निदेशक ने प्रॉक्टर प्रो. अनिल कुमार यादव को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती और महासचिव नवीन कनवाल ने कहा कि पिछले दिनों परिसर में छात्रसंघ पदाधिकारियों के नाम शिलापट से मिटा दिए गए। उन्होंने निदेशक से मामले में की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। इस पर निदेशक ने प्रॉक्टर डॉ. अनिल कुमार यादव को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। छात्रसंघ भवन में पूर्व छात्रसंघ महासचिव अक्षय कुमार टम्टा का नाम भी शिलापट से हटाने के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए। संवाद
कमेटी की ओर से जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी गई है। जांच के संबंध में कुमाऊं विवि के कुलपति से वार्ता की जाएगी, इसके लिए नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद प्रकोष्ठ ही जांच करेगी।
-प्रो. नीरज तिवारी, निदेशक एसएसजे परिसर अल्मोड़ा।
विज्ञापन
पिछले दिनों एसएसजे परिसर के छात्रसंघ भवन में नशीले पदार्थ से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। इसके बाद मामथले ने तूल पकड़ लिया था। काफी हंगामा होने के बाद परिसर निदेशक और प्रॉक्टर ने त्यागपत्र दे दिया था। नशे से जुड़ी सामग्री मिलने के मामले में जांच कमेटी का गठन किया गया था। इसमें प्रो. भीमा मनराल अध्यक्ष और डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. एके नवीन, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजन चंद्र जोशी, पूर्व महासचिव आशीष पंत सदस्य थे। पिछले बुधवार को प्रो. भीमा की अध्यक्षता में जांच कमेटी की बैठक हुई। कोई निर्णय न निकलने के बाद फिर से एक और बैठक हुई।
विज्ञापन
इधर बृहस्पतिवार को प्रकरण को लेकर जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। कमेटी ने जांच रिपोर्ट परिसर के नए निदेशक प्रो. तिवारी को सौंपी। निदेशक ने बताया कि पूर्व निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट और पूर्व प्रॉक्टर संजीव आर्या के बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती के अनुपस्थित रहने को लेकर जांच आगे नहीं बढ़ाई जा सकती है। जांच पूरी करने के बाद अब आगे की जांच पूर्व में गठित की गई नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ करेगी। नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया जाएगा।
विज्ञापन
--
जांच कमेटी ने जताई आपत्ति
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में नशे से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिलने के प्रकरण को लेकर जांच कमेटी की रिपोर्ट में मामले को लेकर कई आपत्तियां जताई हैं। कमेटी ने मामले में कई अनियमितता की आशंका जताई है। सदस्यों का कहना है कि नशे से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद शीघ्र ही भवन को सील कर देना चाहिए था लेकिन दो दिन तक भवन सील नहीं किया गया। वहां की कोई भी सामग्री को कब्जे में लेना चाहिए था। जांच कमेटी को प्रकरण के दो दिनों बाद चाबी सौंपी गई। डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती बैठक में नहीं पहुंची थी। संवाद
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने शिलापट से पेंट पोतने के मामले में जताई नाराजगी
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में शिलापट से छात्रसंघ पदाधिकारियों के नाम मिटाने के मामले में पदाधिकारियों में रोष है। बृहस्पतिवार को एक बार फिर छात्रसंघ पदाधिकारियों ने परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी से मुलाकात कर नाराजगी जताई। निदेशक ने प्रॉक्टर प्रो. अनिल कुमार यादव को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती और महासचिव नवीन कनवाल ने कहा कि पिछले दिनों परिसर में छात्रसंघ पदाधिकारियों के नाम शिलापट से मिटा दिए गए। उन्होंने निदेशक से मामले में की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। इस पर निदेशक ने प्रॉक्टर डॉ. अनिल कुमार यादव को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। छात्रसंघ भवन में पूर्व छात्रसंघ महासचिव अक्षय कुमार टम्टा का नाम भी शिलापट से हटाने के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए। संवाद
कमेटी की ओर से जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी गई है। जांच के संबंध में कुमाऊं विवि के कुलपति से वार्ता की जाएगी, इसके लिए नशा उन्मूलन प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद प्रकोष्ठ ही जांच करेगी।
-प्रो. नीरज तिवारी, निदेशक एसएसजे परिसर अल्मोड़ा।