{"_id":"5c6c491ebdec2273a5197554","slug":"insurer-company-pay-five-lakhs-of-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंश्योरेंश कंपनी अदा करे प्रतिकर के पांच लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंश्योरेंश कंपनी अदा करे प्रतिकर के पांच लाख
Tue, 19 Feb 2019 11:51 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Published by: Almora desk
Updated Tue, 19 Feb 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने मोटर दुर्घटना के एक मामले में आईसीआईसीआई लमबार्ड इंश्योरेंश कंपनी मुंबई और देहरादून शाखा को याचीगणों को पांच लाख रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं।
महाकालेश्वर आजीविका स्वायत्त सहकारिता बासोट भिकियासैंण में लेखाकार अमित पंत चार दिसंबर 2017 को अपनी मोटर साइकिल संख्या यूके-01-बी-6675 से अपने गांव पंत गांव से हल्द्वानी को जा रहे थे। सायं साढे़ छह बजे चकलुवा और लामाचौड़ के बीच निहालगेट के पास अज्ञात वाहन ने अमित को टक्कर मार दी। उपचार के दौरान अमित पंत की मौत हो गई। उन्हें प्रतिमाह 8700 रुपये वेतन मिलता था। इसके अलावा वह ट्यूशन, दूध और सब्जी व्यवसाय से 10 हजार रुपये कमाता था। उनकी प्रतिमाह आय 19 हजार रुपये थी।
इन तथ्यों के आधार पर उनकी मां रमा पंत और भाई गौरव पंत ने 20 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाने के लिए न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय ने इंश्योरेंश कंपनी को पांच लाख रुपये याचीगणों को अदा करने के आदेश दिए हैं। इनमें से 3.50 लाख रुपये मां रमा पंत के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में पांच वर्ष के लिए समयावधि योजना में जमा करने के आदेश दिए। शेष डेढ़ लाख रुपये की धनराशि में से रमा पंत और गौरव पंत बराबर प्राप्त करने के अधिकारी होंगे। इंश्योरेंश कंपनी को आदेशित किया है कि यह धनराशि एक माह के भीतर अदा की जाए। निर्धारित अवधि में धनराशि अदा नहीं करने पर सात फीसदी वार्षिक ब्याज वाद दायर करने की तिथि से भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
महाकालेश्वर आजीविका स्वायत्त सहकारिता बासोट भिकियासैंण में लेखाकार अमित पंत चार दिसंबर 2017 को अपनी मोटर साइकिल संख्या यूके-01-बी-6675 से अपने गांव पंत गांव से हल्द्वानी को जा रहे थे। सायं साढे़ छह बजे चकलुवा और लामाचौड़ के बीच निहालगेट के पास अज्ञात वाहन ने अमित को टक्कर मार दी। उपचार के दौरान अमित पंत की मौत हो गई। उन्हें प्रतिमाह 8700 रुपये वेतन मिलता था। इसके अलावा वह ट्यूशन, दूध और सब्जी व्यवसाय से 10 हजार रुपये कमाता था। उनकी प्रतिमाह आय 19 हजार रुपये थी।
विज्ञापन
इन तथ्यों के आधार पर उनकी मां रमा पंत और भाई गौरव पंत ने 20 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाने के लिए न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय ने इंश्योरेंश कंपनी को पांच लाख रुपये याचीगणों को अदा करने के आदेश दिए हैं। इनमें से 3.50 लाख रुपये मां रमा पंत के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में पांच वर्ष के लिए समयावधि योजना में जमा करने के आदेश दिए। शेष डेढ़ लाख रुपये की धनराशि में से रमा पंत और गौरव पंत बराबर प्राप्त करने के अधिकारी होंगे। इंश्योरेंश कंपनी को आदेशित किया है कि यह धनराशि एक माह के भीतर अदा की जाए। निर्धारित अवधि में धनराशि अदा नहीं करने पर सात फीसदी वार्षिक ब्याज वाद दायर करने की तिथि से भुगतान करना होगा।
विज्ञापन