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Almora News: सूचना नहीं देने पर प्रधानाध्यापक के वेतन पर रोकने के निर्देश
Tue, 07 Jul 2026 01:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 07 Jul 2026 01:06 AM IST
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अल्मोड़ा। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने विकासखंड चौखुटिया स्थित स्वामी विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिमलखेत के प्रधानाध्यापक का वेतन रोकने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए हैं। आयोग के आदेश के बाद विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारियों का वेतन भी प्रभावित होने का मामला सामने आया है।
विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक गोपाल दत्त बुधोड़ी ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई 2025 को लोक सूचना अधिकारी एवं प्रधानाध्यापक से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत कुछ जानकारियां मांगी थीं लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील दायर की।
सुनवाई के बाद आयोग ने मांगी गई सूचना उपलब्ध कराए जाने तक प्रधानाध्यापक के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। आरोप है कि आयोग के आदेश के बावजूद प्रधानाध्यापक ने अपना वेतन देयक अन्य शिक्षक एवं कर्मचारियों के वेतन देयक के साथ संयुक्त रूप से मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेज दिया। आयोग के स्पष्ट निर्देशों के चलते संयुक्त वेतन देयक पर कार्रवाई नहीं हो सकी जिससे विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारियों का वेतन भी फिलहाल अटक गया है। इससे विद्यालय में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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वहीं प्रधानाध्यापक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित शिक्षक का विद्यालय के प्रति नकारात्मक रवैया रहा है। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों से लगातार सूचना मांगकर विद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक गोपाल दत्त बुधोड़ी ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई 2025 को लोक सूचना अधिकारी एवं प्रधानाध्यापक से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत कुछ जानकारियां मांगी थीं लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील दायर की।
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सुनवाई के बाद आयोग ने मांगी गई सूचना उपलब्ध कराए जाने तक प्रधानाध्यापक के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। आरोप है कि आयोग के आदेश के बावजूद प्रधानाध्यापक ने अपना वेतन देयक अन्य शिक्षक एवं कर्मचारियों के वेतन देयक के साथ संयुक्त रूप से मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेज दिया। आयोग के स्पष्ट निर्देशों के चलते संयुक्त वेतन देयक पर कार्रवाई नहीं हो सकी जिससे विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारियों का वेतन भी फिलहाल अटक गया है। इससे विद्यालय में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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वहीं प्रधानाध्यापक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित शिक्षक का विद्यालय के प्रति नकारात्मक रवैया रहा है। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों से लगातार सूचना मांगकर विद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।