{"_id":"632dff0b3265ff198a779600","slug":"inspection-of-district-hospital-almora-news-hld4767171192","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला अस्पताल में गंदगी देख महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति का चढ़ा पारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला अस्पताल में गंदगी देख महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति का चढ़ा पारा
विज्ञापन
अल्मोड़ा के महिला अस्पताल का निरीक्षण करतीं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा। सं
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने जिला और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। महिला अस्पताल में गंदगी देख उन्होंने रोष प्रकट किया। अस्पताल में कुछ डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने सीएमएस डॉ. प्रीति पंत के साथ पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा और गुणवत्तायुक्त भोजन दिया जाना चाहिए। डॉक्टरों को बाहर की दवाइयां न लिखने के निर्देश दिए।
बगैर सलाह के खुलेआम बिक रही हैं गर्भपात की दवाएं
अल्मोड़ा। महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा के निरीक्षण में सीएमएस डॉ. प्रीति पंत ने बताया कि कई बार अपने हिसाब से गर्भपात की दवा खाने से गर्भवतियों की जान पर बन आती है। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल लाया जाता है। मिश्रा ने खुलेआम बगैर परामर्श बिक रही गर्भपात की दवाओं को लेकर औषधि निरीक्षक से वार्ता की। उन्होंने बिना डॉक्टर के सलाह के दवा न लिखने के लिए औषधि निरीक्षक को निरीक्षण के निर्देश दिए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने सीएमएस डॉ. प्रीति पंत के साथ पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा और गुणवत्तायुक्त भोजन दिया जाना चाहिए। डॉक्टरों को बाहर की दवाइयां न लिखने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
बगैर सलाह के खुलेआम बिक रही हैं गर्भपात की दवाएं
अल्मोड़ा। महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा के निरीक्षण में सीएमएस डॉ. प्रीति पंत ने बताया कि कई बार अपने हिसाब से गर्भपात की दवा खाने से गर्भवतियों की जान पर बन आती है। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल लाया जाता है। मिश्रा ने खुलेआम बगैर परामर्श बिक रही गर्भपात की दवाओं को लेकर औषधि निरीक्षक से वार्ता की। उन्होंने बिना डॉक्टर के सलाह के दवा न लिखने के लिए औषधि निरीक्षक को निरीक्षण के निर्देश दिए। संवाद
विज्ञापन