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हम लड़ते रयां भुला, हम लड़ते रुलो...
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बागेश्वर में जनकवि गिर्दा की पुण्यतिथि पर पौधरोपण करते मीडियाकर्मी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
अल्मोड़ा। प्रसिद्ध रंगकर्मी जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा की 10वीं पुण्यतिथि पर विभिन्न स्थानों पर उनके हम लड़ते रयां भुला, हम लड़ते रुलो और ओ जैता एक दिन त आलो उ दिन यीं दुनीं में आदि जनगीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपपा, उलोवा सहित अन्य संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित करके उनके योगदान को याद किया।
उत्तराखंड लोह वाहिनी की गोष्ठी में प्रसिद्ध रंगकर्मी जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि गिर्दा जन आंदोलनों की आत्मा रहे हैं। वह वाहिनी के हर आंदोलन में सक्रिय रहे। मुख्य वक्ता डॉ. कपिलेश भोज ने कहा कि गिर्दा असाधारण व्यक्तित्व के धनी रहे। सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने जन आंदोलनों में भागीदारी की। इससे पूर्व गिर्दा के जनगीत हम लड़ते रयां भुला, हम लड़ते रुलो... आदि लोक गीत गाए। अध्यक्षता रेवती बिष्ट और संचालन दयाकृष्ण कांडपाल ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता जगत रौतेला, अजयमित्र, वाहिनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जंगबहादुर थापा, अजय मेहता, कुंदन सिंह, कुणाल तिवारी, शमशेर गुरंग ने विचार रखे। जयमित्र बिष्ट, गोकुल शाही, सूरज टम्टा, शंभू राणा, आदित्य साह, देवेंद्र वर्मा, नवीन पाठक संवाद के माध्यम से मौजूद रहे।
इधर रंगकर्मी गिरीश तिवारी गिर्दा की 10वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी कार्यालय में हुई गोष्ठी में कार्यक्रम में उन्हें याद किया गया। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि गिर्दा ने सत्ता, प्रतिष्ठानों की मनमानी के सीधे संघर्ष में उतर कर उन्हें सांस्कृतिक मंच पर भी चुनौती दी। अध्यक्षता पार्टी की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा और संचालन देवेंद्र भट्ट ने किया। कार्यक्रम में प्रकाश उनियाल, धीरेंद्र मोहन पंत, दीपा नेगी, रेशमा परवीन, शशि उनियाल, अनीता बजाज, गोपाल राम आदि मौजूद थे।
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इधर रंगकर्मियों और साहित्यकारों आदि ने वर्चुअल गोष्ठी आयोजित करके गिरीश तिवारी गिर्दा को याद किया। वक्ताओं ने कहा गिर्दा एक कवि, कलाकार, पत्रकार, आंदोलनकारी सहित तमाम किरदार खुद में समेटे थे। गोष्ठी में साहित्यकार डॉ. कपिलेश भोज, लोक कलाकार लता पांडे, नारायण थापा, कृष्ण मोहन सिंह बिष्ट, भाष्करानंद तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता जगत रौतेला, नीरज भट्ट, दिग्विजय बिष्ट आदि ने हिस्सा लिया। संचालन नवीन बिष्ट ने किया।
जनकवि गिर्दा की पुण्यतिथि पर पौधे रोपे
बागेश्वर। पत्रकार प्रेस क्लब समिति ने जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा की पुण्यतिथि पर तमाम प्रजातियों के पौधे रोपे। गोष्ठी का आयोजन कर गिर्दा को याद किया। प्रेस क्लब सभागार में शनिवार को अध्यक्ष चंदन सिंह परिहार ने गिर्दा की जीवनी, संस्मरण, योगदान के बारे में बताया। कहा कि गिर्दा जैसे महामानव का फिर पैदा होना असंभव है। इसके बाद मीडियाकर्मियों ने गिर्दा वाटिका में पौधरोपण किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रमेश पांडेय कृषक, पूर्व मंत्री रामप्रसाद टम्टा, रमेश पांडेय बृजवासी, देवेंद्र पांडेय, चंद्रशेखर द्विवेदी, घनश्याम जोशी, सुंदर सुरकाली, हरीश नगरकोटी, महीप पांडेय, वृक्षपुरुष किशन सिंह मलड़ा, रमेश प्रकाश पर्वतीय, लोकपाल सिंह कोरंगा, हिमांशु गड़िया, दीपक जोशी, उमेश मेहता, लक्ष्मण बिष्ट, मनोज कुमार आदि थे।
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उत्तराखंड लोह वाहिनी की गोष्ठी में प्रसिद्ध रंगकर्मी जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि गिर्दा जन आंदोलनों की आत्मा रहे हैं। वह वाहिनी के हर आंदोलन में सक्रिय रहे। मुख्य वक्ता डॉ. कपिलेश भोज ने कहा कि गिर्दा असाधारण व्यक्तित्व के धनी रहे। सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने जन आंदोलनों में भागीदारी की। इससे पूर्व गिर्दा के जनगीत हम लड़ते रयां भुला, हम लड़ते रुलो... आदि लोक गीत गाए। अध्यक्षता रेवती बिष्ट और संचालन दयाकृष्ण कांडपाल ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता जगत रौतेला, अजयमित्र, वाहिनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जंगबहादुर थापा, अजय मेहता, कुंदन सिंह, कुणाल तिवारी, शमशेर गुरंग ने विचार रखे। जयमित्र बिष्ट, गोकुल शाही, सूरज टम्टा, शंभू राणा, आदित्य साह, देवेंद्र वर्मा, नवीन पाठक संवाद के माध्यम से मौजूद रहे।
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इधर रंगकर्मी गिरीश तिवारी गिर्दा की 10वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी कार्यालय में हुई गोष्ठी में कार्यक्रम में उन्हें याद किया गया। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि गिर्दा ने सत्ता, प्रतिष्ठानों की मनमानी के सीधे संघर्ष में उतर कर उन्हें सांस्कृतिक मंच पर भी चुनौती दी। अध्यक्षता पार्टी की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा और संचालन देवेंद्र भट्ट ने किया। कार्यक्रम में प्रकाश उनियाल, धीरेंद्र मोहन पंत, दीपा नेगी, रेशमा परवीन, शशि उनियाल, अनीता बजाज, गोपाल राम आदि मौजूद थे।
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इधर रंगकर्मियों और साहित्यकारों आदि ने वर्चुअल गोष्ठी आयोजित करके गिरीश तिवारी गिर्दा को याद किया। वक्ताओं ने कहा गिर्दा एक कवि, कलाकार, पत्रकार, आंदोलनकारी सहित तमाम किरदार खुद में समेटे थे। गोष्ठी में साहित्यकार डॉ. कपिलेश भोज, लोक कलाकार लता पांडे, नारायण थापा, कृष्ण मोहन सिंह बिष्ट, भाष्करानंद तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता जगत रौतेला, नीरज भट्ट, दिग्विजय बिष्ट आदि ने हिस्सा लिया। संचालन नवीन बिष्ट ने किया।
जनकवि गिर्दा की पुण्यतिथि पर पौधे रोपे
बागेश्वर। पत्रकार प्रेस क्लब समिति ने जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा की पुण्यतिथि पर तमाम प्रजातियों के पौधे रोपे। गोष्ठी का आयोजन कर गिर्दा को याद किया। प्रेस क्लब सभागार में शनिवार को अध्यक्ष चंदन सिंह परिहार ने गिर्दा की जीवनी, संस्मरण, योगदान के बारे में बताया। कहा कि गिर्दा जैसे महामानव का फिर पैदा होना असंभव है। इसके बाद मीडियाकर्मियों ने गिर्दा वाटिका में पौधरोपण किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रमेश पांडेय कृषक, पूर्व मंत्री रामप्रसाद टम्टा, रमेश पांडेय बृजवासी, देवेंद्र पांडेय, चंद्रशेखर द्विवेदी, घनश्याम जोशी, सुंदर सुरकाली, हरीश नगरकोटी, महीप पांडेय, वृक्षपुरुष किशन सिंह मलड़ा, रमेश प्रकाश पर्वतीय, लोकपाल सिंह कोरंगा, हिमांशु गड़िया, दीपक जोशी, उमेश मेहता, लक्ष्मण बिष्ट, मनोज कुमार आदि थे।