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महिला एकता परिषद द्वाराहाट और भिकियासैंण का सम्मेलन
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जालली में हुए महिला एकता परिषद के सम्मेलन में विचार रखती महिला।
- फोटो : ALMORA
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। महिला एकता परिषद द्वाराहाट और भिकियासैंण के तहसील के जालली विश्राम गृह में हुए सम्मेलन में बंदरों, सुअरों और लावारिस जानवरों के आतंक का मुद्दा छाया रहा। महिलाओं ने जानवरों द्वारा नष्ट की जा रही पहाड़ की खेती को बचाने के लिए अब तक सरकारों द्वारा ठोस नीति नहीं बनाए जाने पर आक्रोश जताया। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आईं महिलाओं ने विचार रखे।
मीनार की वरिष्ठ महिला मोहनी देवी की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से महिलाएं जानवरों की समस्या को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन अब तक समस्या के निदान को ठोस नीति नहीं बन पाई है।
उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण, बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को पलायन का प्रमुख कारण बताया और इन समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट हो आंदोलन करने का एलान किया।
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इस अवसर पर गठित नई कार्यकारिणी ने समस्याओं को लेकर शीघ्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि को ज्ञापन भेजने का निर्मय लिया और समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सम्मेलन में दुर्गा देवी (सुनाड़ी गांव), गीता देवी (धमेड़ा गांव), शोभा देवी (बयेड़ा गांव), विमला देवी (सिमलगांव), नंदी देवी (विठोली), भावना रावत (बेढूली), गीता देवी (मटेला), पुष्पा रावत (सनणैं), दुर्गा बिष्ट (चौड़ा), मोहिनी देवी (मीनार), हेमा नेगी (सिलंग) आदि ने विचार रखे। संचालन महासचिव मधुबाला कांडपाल ने किया।
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मीनार की वरिष्ठ महिला मोहनी देवी की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से महिलाएं जानवरों की समस्या को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन अब तक समस्या के निदान को ठोस नीति नहीं बन पाई है।
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उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण, बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को पलायन का प्रमुख कारण बताया और इन समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट हो आंदोलन करने का एलान किया।
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इस अवसर पर गठित नई कार्यकारिणी ने समस्याओं को लेकर शीघ्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि को ज्ञापन भेजने का निर्मय लिया और समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सम्मेलन में दुर्गा देवी (सुनाड़ी गांव), गीता देवी (धमेड़ा गांव), शोभा देवी (बयेड़ा गांव), विमला देवी (सिमलगांव), नंदी देवी (विठोली), भावना रावत (बेढूली), गीता देवी (मटेला), पुष्पा रावत (सनणैं), दुर्गा बिष्ट (चौड़ा), मोहिनी देवी (मीनार), हेमा नेगी (सिलंग) आदि ने विचार रखे। संचालन महासचिव मधुबाला कांडपाल ने किया।