{"_id":"59ea2dad4f1c1b60678b679a","slug":"houses-lighten-up-on-dipawali","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली पर घर-घर जले दीपक, रौशनी से जगमगा उठे गांव और शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली पर घर-घर जले दीपक, रौशनी से जगमगा उठे गांव और शहर
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Fri, 20 Oct 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
दीपावली के दिन जगमग रोशनी ने नहाया अल्मोड़ा शहर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपोत्सव यानि दीपावली पर्व जिले में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। बाजार से गन्ने, फूल, फल आदि लाने के बाद लोगों ने घर और मंदिर को फूल और बिजली की मालाओं से सजाया। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के समय शुभ मुहूर्त पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का पूजन किया गया। बिजली की मालाओं और दीपक की रोशनी से गांव और शहर जगमग हो उठे। इस मौके पर लोगों ने आतिशबाजी का भी आनंद लिया।
दीपावली पर्व के लिए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने अपने घरों को दीपक, बिजली की मालाओं, झालर आदि से सजाया। शाम होते ही नगर और ग्रामीण इलाके बिजली की रोशनी से जगमगा उठे। इसी के साथ घरों में मां लक्ष्मी के पूजन की तैयारियां भी हो गई। प्रसाद, पकवान बनाने के बाद लोगों ने नए वस्त्र पहने और परिवार के साथ मंदिर में बैठकर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की।
पूजन सामग्री के साथ ही खीले, बताशे, खिलौने, मिठाई, फल, फूलों और दीप जलाकर मंदिर का दरबार सजाया गया। परिवार के लोगों ने विधि विधान से पूजा के बाद मां लक्ष्मी से ऐश्वर्य और धन-धान्य का आशीर्वाद मांगा। घर की देहली में खीलों की बरसात हुई। एक-दूसरे के गले लगकर और बड़ों के आशीर्वाद के साथ लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली की बधाई दी। इसके बाद बच्चों ने आतिशबाजी का भी आनंद लिया। लोगों ने एक-दूसरे के घरों में जाकर दीपोत्सव की शुभकामनाएं भी दी।
विज्ञापन
पिछले वर्षों की अपेक्षा कम हुई आतिशबाजी
दीपावली के दिन इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा आतिशबाजी का नजारा देखने को कम ही मिला। पटाखे महंगे होने के अलावा आतिशबाजी के शोर-शराबे और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर लोग जागरूक दिखे। हालांकि लोगों ने कम शोर वाले अनार, चर्खी, फूलझड़ी आदि खूब जलाए, लेकिन बम पटाखों का नजारा कम ही देखने को मिला।
विज्ञापन
दीपावली पर्व के लिए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने अपने घरों को दीपक, बिजली की मालाओं, झालर आदि से सजाया। शाम होते ही नगर और ग्रामीण इलाके बिजली की रोशनी से जगमगा उठे। इसी के साथ घरों में मां लक्ष्मी के पूजन की तैयारियां भी हो गई। प्रसाद, पकवान बनाने के बाद लोगों ने नए वस्त्र पहने और परिवार के साथ मंदिर में बैठकर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की।
विज्ञापन
पूजन सामग्री के साथ ही खीले, बताशे, खिलौने, मिठाई, फल, फूलों और दीप जलाकर मंदिर का दरबार सजाया गया। परिवार के लोगों ने विधि विधान से पूजा के बाद मां लक्ष्मी से ऐश्वर्य और धन-धान्य का आशीर्वाद मांगा। घर की देहली में खीलों की बरसात हुई। एक-दूसरे के गले लगकर और बड़ों के आशीर्वाद के साथ लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली की बधाई दी। इसके बाद बच्चों ने आतिशबाजी का भी आनंद लिया। लोगों ने एक-दूसरे के घरों में जाकर दीपोत्सव की शुभकामनाएं भी दी।
विज्ञापन
पिछले वर्षों की अपेक्षा कम हुई आतिशबाजी
दीपावली के दिन इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा आतिशबाजी का नजारा देखने को कम ही मिला। पटाखे महंगे होने के अलावा आतिशबाजी के शोर-शराबे और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर लोग जागरूक दिखे। हालांकि लोगों ने कम शोर वाले अनार, चर्खी, फूलझड़ी आदि खूब जलाए, लेकिन बम पटाखों का नजारा कम ही देखने को मिला।