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उत्तराखंड और बिहार की सांझी विरासत को ऐंपण में संजो रही मुक्तेश्वर की बेटी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 11:18 PM IST
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Hemlata is a common heritage of Uttarakhand and Bihar
कैनवास के ऊपर गेरू और फैविकोल के मिश्रण से तैयार डिजाइन दिखाती हेमलता। - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के ऐंपण और बिहार की लोककला मधुबनी का मिश्रण देखना हो तो मुक्तेश्वर की हेमलता कबडवाल (हिमानी) के ऐंपण पेंटिंग जरूर देखिए। गेरु (ऐंपण का वास्तविक रंग) को फेविकॉल में घोटकर कैनवास पर उतारने का उनका यह अंदाज पर्यटकों को काफी पसंद आ रहा है। हेमलता कपड़े पर भी ऐंपण बखूबी बना लेती हैं। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि उनकी पेटिंग बिकनी शुरू हो गई हैं।
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मुक्तेश्वर के सतोली गांव के किसान की बेटी हेमलता चार भाई बहनों में सबसे छोटी है। तीन साल पहले पिता की मौत के बाद परिवार को आर्थिक परेशानियों ने घेर लिया। लेकिन, पेंटिंग का शौक रखने वाली हेमलता ने हिम्मत नहीं हारी। साइंस से इंटर करने के बाद एसएसजे परिसर में बीबीए में प्रवेश ले तो लिया लेकिन फीस देने के लिए पैसे कम पड़ने लगे। उन्होंने बीबीए की पढ़ाई का खर्चा निकालने के लिए पेंटिंग में नए-नए तरीके ईजाद करने शुरू कर दिए। एसएसजे परिसर में फोक डिजाइन और फोक आर्ट का कोर्स नहीं है लेकिन हेमलता ने किताबें और इंटरनेट के माध्यम से खुद इस कला को सीखना शुरू किया। उत्तराखंड के ऐंपण में रुचि रखने वाली हेमलता ने बदलाव करते हुए बिहार की मधुबनी (लोक कला) को इसमें जोड़ा और कैनवास पर उतारना शुरू कर दिया। हेमलता टी-शर्ट में भी एक्रेलिक (कपड़े पर लगाए जाने वाला रंग) का प्रयोग कर डिजाइन तैयार करती हैं।
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मुक्तेश्वर के वुड हाउस फार्म लगाती हैं प्रदर्शनी
अल्मोड़ा। अवकाश के दिनों में हेमलता मुक्तेश्वर में वुड हाउस फार्म में अपनी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाती हैं। वहां आने वाले पर्यटक उनके काम की सराहना तो करते हैं कि पेंटिंग्स भी खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पेटिंग्स बनाने के आर्डर मिलने लगे हैं, जिससे उनका खुद का थोड़ा खर्चा भी निकल आता है। छोटी पेंटिंग बनाने में उन्हें अमूमन दो दिन और बड़ी पेंटिंग्स बनाने में सात दिन का समय लगता है।
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मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाना है लक्ष्य
20 वर्षीय हेमलता ने बताया कि वह इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। उनका सपना है कि वह ग्रामीण और जरूरतमंद लड़कियों को पेंटिंग सिखाकर आत्मनिर्भर बनाए। हेमलता ने बताया कि उनकी बहन की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई प्राइवेट सेक्टर में काम करता है, वहीं छोटे भाई ने अपनी बलबूते एमबीए पूरा किया है। -
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