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Almora News: हवालबाग वालों को अल्ट्रासाउंड के लिए आना पड़ता है अल्मोड़ा
Mon, 09 Sep 2024 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 09 Sep 2024 11:10 PM IST
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अल्मोड़ा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हवालबाग में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने से मरीजों और गर्भवतियों को अल्मोड़ा की दौड़ लगानी पड़ती है। हवालबाग विकासखंड की 20000 से अधिक की आबादी के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए स्थापित पीएचसी में न अल्ट्रासाउंड मशीन है और न ही यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है।
हवालबाग के ग्राम प्रधान अमित साह ने बताया कि अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने पर मरीजों और गर्भवतियों को 14 किमी दूर जिला अस्पताल और करीब 19 किमी दूर बेस की दौड़ लगानी पड़ती है। कभी-कभी हल्द्वानी भी जाना पड़ता है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
घनेली निवासी बद्रीदत्त भट्ट ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलने से गर्भवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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मटेला निवासी उमा बिष्ट ने बताया कि अगर पीएचसी में अल्ट्रासाउंड होने लगे तो लोगों का फिजूल का खर्च बच जाएगा। क्योंकि कई बार तो परिवहन के साधन भी नहीं मिलने पर भारी खर्च तो किराये में ही लगाना पड़ता है।
कोट-पीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत नहीं है लेकिन क्षेत्र की गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। मशीन होने से गर्भवतियों को बेहतर सुविधा मिल सकती है।- डॉ. रंजन तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी हवालबाग
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हवालबाग के ग्राम प्रधान अमित साह ने बताया कि अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने पर मरीजों और गर्भवतियों को 14 किमी दूर जिला अस्पताल और करीब 19 किमी दूर बेस की दौड़ लगानी पड़ती है। कभी-कभी हल्द्वानी भी जाना पड़ता है।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
घनेली निवासी बद्रीदत्त भट्ट ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलने से गर्भवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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मटेला निवासी उमा बिष्ट ने बताया कि अगर पीएचसी में अल्ट्रासाउंड होने लगे तो लोगों का फिजूल का खर्च बच जाएगा। क्योंकि कई बार तो परिवहन के साधन भी नहीं मिलने पर भारी खर्च तो किराये में ही लगाना पड़ता है।
कोट-पीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत नहीं है लेकिन क्षेत्र की गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। मशीन होने से गर्भवतियों को बेहतर सुविधा मिल सकती है।- डॉ. रंजन तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी हवालबाग