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बजट नहीं मिलने से मिनी जू का मामला लटका
Sat, 15 Dec 2018 11:38 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Published by: Almora desk
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:38 PM IST
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मृग विहार को मिनी जू बनाने का काम बजट की आस में सालों से लटका ही पड़ा है। सिविल सोयम विभाग के काफी प्रयासों के बाद भी मृग विहार के सुधारीकरण, बंदरों के बधियाकरण के लिए तैयार हो रहे आपरेशन थियेटर आदि कार्यों के लिए विभाग के पास इस साल भी बजट नहीं आया।
एनटीडी स्थित 38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार को मिनी जू बनाने की कवायद काफी अर्से से चल रही है। मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए बजट का आवंटन नहीं हो पाया है। करीब 5.40 करोड़ की लागत से बनने वाले मिनी जू में, सेनिटेशन, विजिटर्स मार्ग, स्टोर फैसेलिटी, पानी की व्यवस्था, जानवरों के लिए नाइट शल्टर, मगरमच्छ के लिए तालाब, मेडिकल उपकरण, दवाईयों की उपलब्धता का इंतजाम आदि के काम बजट के अभाव में लटके पड़े हैं। वहीं दूसरी ओर मृग विहार में बंदरों के बधियाकरण के लिए प्रस्तावित आपरेशन थियेटर और उपकरण योजना का काम सालों से बजट के अभाव में अधूरा पड़ा है। वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम ने बताया कि मिनी जू के लिए बजट नहीं आया है। बजट के अभाव में मृग विहार में होने वाले कई कार्य आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
एनटीडी स्थित 38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार को मिनी जू बनाने की कवायद काफी अर्से से चल रही है। मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए बजट का आवंटन नहीं हो पाया है। करीब 5.40 करोड़ की लागत से बनने वाले मिनी जू में, सेनिटेशन, विजिटर्स मार्ग, स्टोर फैसेलिटी, पानी की व्यवस्था, जानवरों के लिए नाइट शल्टर, मगरमच्छ के लिए तालाब, मेडिकल उपकरण, दवाईयों की उपलब्धता का इंतजाम आदि के काम बजट के अभाव में लटके पड़े हैं। वहीं दूसरी ओर मृग विहार में बंदरों के बधियाकरण के लिए प्रस्तावित आपरेशन थियेटर और उपकरण योजना का काम सालों से बजट के अभाव में अधूरा पड़ा है। वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम ने बताया कि मिनी जू के लिए बजट नहीं आया है। बजट के अभाव में मृग विहार में होने वाले कई कार्य आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
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