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गुरिल्लों ने जुलूस निकाल ग्वल देवता से लगाई गुहार
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अल्मोड़ा में जुलूस निकालते एसएसबी गुरिल्ले।
- फोटो : AMAR UJALA
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नौकरी, पेंशन देने की मांगों को लेकर 13 वर्षों से आंदोलित एसएसबी गुरिल्लों ने सरकार की घोर उपेक्षा से क्षुब्ध होकर बुधवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क से चितई ग्वल देवता मंदिर तक छोलिया नृतकों के साथ जुलूस निकाला। उन्होंने चितई ग्वत देवता मंदिर में केंद्र और प्रदेश सरकार, सांसदों, विधायकों शासन स्तर के सचिवों के खिलाफ गुहार (घात) लगाई।
जुलूस में शामिल गुरिल्लों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। गांधी पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि 2006 में ही तत्कालीन गृहमंत्री, गृह राज्य मंत्री, महानिदेशक एसएसबी द्वारा उनकी मांगों के संबंध में विचार किए जाने के आश्वासन दिया। कुछ वर्षों बाद जहां केंद्र सरकार ने उच्च स्तर पर कुछ निर्णय लिए वहीं राज्य सरकार स्तर पर भी कुछ शासनादेश जारी हुए। निर्णयों, शासनादेशों के क्रियान्वयन में इतना विलंब हो गया है कि अधिकांश गुरिल्लों की नौकरी की उम्र निकल गई और कई गुरिल्लों की मृत्यु हो गई है। ऐसे में गुरिल्लों के सब्र का बांध टूट गया। इसलिए वह घात डालने को मजबूर हुए।
जुलूस में केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, राजेंद्र भाकुनी, गिरीश जोशी, भुवन चौधरी, चंद्र सिंह डसीला, खड़क सिंह, गोपाल राणा, किशन सिंह, विमल, ममता मेहता, गंगा देवी, आनंदी मेहरा, रेवती, गंगा देवी, प्रेमा देवी, शांति देवी, रेखा आर्या, महेंद्र चम्याल, बसंत लाल, गंगा बनौला आदि शामिल थे।
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जुलूस में शामिल गुरिल्लों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। गांधी पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि 2006 में ही तत्कालीन गृहमंत्री, गृह राज्य मंत्री, महानिदेशक एसएसबी द्वारा उनकी मांगों के संबंध में विचार किए जाने के आश्वासन दिया। कुछ वर्षों बाद जहां केंद्र सरकार ने उच्च स्तर पर कुछ निर्णय लिए वहीं राज्य सरकार स्तर पर भी कुछ शासनादेश जारी हुए। निर्णयों, शासनादेशों के क्रियान्वयन में इतना विलंब हो गया है कि अधिकांश गुरिल्लों की नौकरी की उम्र निकल गई और कई गुरिल्लों की मृत्यु हो गई है। ऐसे में गुरिल्लों के सब्र का बांध टूट गया। इसलिए वह घात डालने को मजबूर हुए।
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जुलूस में केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, राजेंद्र भाकुनी, गिरीश जोशी, भुवन चौधरी, चंद्र सिंह डसीला, खड़क सिंह, गोपाल राणा, किशन सिंह, विमल, ममता मेहता, गंगा देवी, आनंदी मेहरा, रेवती, गंगा देवी, प्रेमा देवी, शांति देवी, रेखा आर्या, महेंद्र चम्याल, बसंत लाल, गंगा बनौला आदि शामिल थे।
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