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मजदूरों और फर्मों का सरकार पर चार करोड़ बकाया
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government owed four crores to the Workers and firms
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गरुड़(बागेश्वर)। मनरेगा के कुशल श्रमिकों और पंजीकृत फर्मों की सरकार पर चार करोड़ रुपये देनदारी हो गई है। पंजीकृत फर्मों ने अब मनरेगा के निर्माण कार्यों के लिए सामग्री की आपूर्ति से हाथ खींच लिए हैं। वहीं मनरेगा के कुशल मजदूर भी अब काम करने से मना कर रहे हैं।
बागेश्वर जिले में मार्च से अब तक विभिन्न गांवों में मनरेगा के तहत सात करोड़ रुपये के निर्माण कार्य हो चुके हैं। बावजूद इसके कुशल मजदूरों और मनरेगा के निर्माण कार्यों के लिए सामग्री की आपूर्ति करने वाली पंजीकृत फर्मों को अप्रैल से एक धेला नहीं मिला है।
इस पर जहां फर्मों ने सामग्री देने से मना कर दिया है, वहीं कुशल श्रमिक भी काम करने से मना कर हैं। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि भाजपा कई वर्षों से मनरेगा को अव्यवहारिक कहते आ रही है। करोना संक्रमण के दौर में भाजपा ही प्रवासियों से मनरेगा की योजना में काम करने को कह रही है। सरकार को जल्द से जल्द भुगतान करना चाहिए।
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मनरेगा के कुशल श्रमिकों और पंजीकृत फर्मों को अप्रैल से भुगतान नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने सामग्री अंश का चार करोड़ रुपये प्रदेश सरकार को अवमुक्त कर दिए हैं। कुछ ही दिनों के अंदर कुशल और अकुशल श्रमिकों के खातों में धन आ जाएगा। - केएन तिवारी, डीडीओ
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बागेश्वर जिले में मार्च से अब तक विभिन्न गांवों में मनरेगा के तहत सात करोड़ रुपये के निर्माण कार्य हो चुके हैं। बावजूद इसके कुशल मजदूरों और मनरेगा के निर्माण कार्यों के लिए सामग्री की आपूर्ति करने वाली पंजीकृत फर्मों को अप्रैल से एक धेला नहीं मिला है।
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इस पर जहां फर्मों ने सामग्री देने से मना कर दिया है, वहीं कुशल श्रमिक भी काम करने से मना कर हैं। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि भाजपा कई वर्षों से मनरेगा को अव्यवहारिक कहते आ रही है। करोना संक्रमण के दौर में भाजपा ही प्रवासियों से मनरेगा की योजना में काम करने को कह रही है। सरकार को जल्द से जल्द भुगतान करना चाहिए।
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मनरेगा के कुशल श्रमिकों और पंजीकृत फर्मों को अप्रैल से भुगतान नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने सामग्री अंश का चार करोड़ रुपये प्रदेश सरकार को अवमुक्त कर दिए हैं। कुछ ही दिनों के अंदर कुशल और अकुशल श्रमिकों के खातों में धन आ जाएगा। - केएन तिवारी, डीडीओ