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सड़क के अभाव में एक और मौत: बीमार महिला को डोली में 1.5 घंटे ढोया, गुरुग्राम-दिल्ली तक भागा परिवार; मगर...?

Mon, 13 Jul 2026 11:37 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा Published by: Heera Updated Mon, 13 Jul 2026 11:37 AM IST
सार

सड़क अभाव में अल्मोड़ा के सल्ट की 32 वर्षीय गीता देवी को डोली में तीन किमी खड़ी चढ़ाई पार करवानी पड़ी। बारिश में डेढ़ घंटे बाद सड़क तक पहुंची, फिर रामनगर-गुरुग्राम होते दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंची, लेकिन देरी से इलाज शुरू होने के कारण मौत हो गई।

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Geeta dies due to lack of road in salt almora
गीता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अल्मोड़ा जिले के विकासखंड सल्ट के ग्रामसभा जाख में सड़क सुविधा की कमी एक बीमार महिला की जान पर भारी पड़ी। लंबे समय से बीमार चल रही ग्राम सभा के पणचूरा तोक निवासी 32 वर्षीय गीता देवी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को करीब तीन किलोमीटर तक डोली के सहारे खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक लाना पड़ा। समय पर उपचार न मिलने के कारण सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

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जानकारी के अनुसार ग्रामसभा जाख के पणचूरा तोक निवासी गीता देवी पत्नी शंकर सिंह लंबे समय से बीमार चल रही थी। उनकी तबीयत कुछ दिन पहले अचानक ज्यादा खराब हो गई, लेकिन गांव तक सड़क न होने और लोगों की कमी के कारण उन्हें समय रहते अस्पताल के लिए नहीं ले जाया जा सका। आखिरकार शनिवार को ग्रामीण बड़ी मुश्किल से इकट्ठा हुए और उन्हें भारी बारिश के बीच भीगते-भीगते डोली के सहारे करीब तीन किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर डेढ़ घंटे में सड़क तक पहुंचाया। सड़क पर पहुंचने के बाद गीता देवी को निजी वाहन से पहले रामनगर और वहां से गुरुग्राम ले जाया गया। गुरुग्राम में गीता देवी के पति शंकर सिंह नौकरी करते हैं। इसके बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन देर रात करीब एक बजे उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

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गीता देवी की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि कि गीता देवी चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थीं। यदि गांव तक सड़क होती और समय पर वाहन की सुविधा मिल जाती तो उन्हें बेहतर और जल्द उपचार मिल सकता था। ग्रामीण जगत सिंह, खुशाल सिंह, मनोज, हर सिंह और दीपक सिंह समेत अन्य लोगों ने पहाड़ी रास्ते पर डोली उठाकर महिला को सड़क तक पहुंचाया। इस दौरान उनकी वृद्ध सास भी साथ रहीं।

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वृद्ध सास और चार माह के बेटे के साथ गांव में रहती थी गीता देवी
गीता देवी अपनी वृद्ध सास और चार माह के बेटे के साथ गांव में रहती थीं। उसकी बड़ी बेटी अपने पिता के साथ गुड़गांव में रहकर पढ़ाई कर रही है। गीता का स्वास्थ्य लंबे समय से खराब चल रहा था। करीब चार माह पूर्व बेटे के जन्म के बाद उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ने लगी। उनका उपचार ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल से चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

वर्षों से ग्रामीण सड़क की मांग करते आ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों की आपत्ति के चलते सड़क निर्माण अधूरा रहा। कुछ दिन पहले सड़क के लिए सभी ग्रामीणों ने अनापत्ति पत्र पीएमजीएसवाई विभाग को दे दिया है। -जगत सिंह, ग्रामीण

जाख सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति लगाई थी जो अब हटा दी गयी है, जल्द ही सड़क का निर्माणकार्य शुरू कराया जायेगा। पीड़ित परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। -संगीता देवी, ग्राम प्रधान, जाख

सड़क बनाने को लेकर कुछ ग्रामीणों की आपत्ति थी। एक जुलाई को सभी ग्रामीणों ने मिलकर अनापत्ति पत्र विभाग को दे दिया है। सड़क का फिर से संरेखण किया जाना है। इसके बाद इसकी डीपीआर तैयार कर जल्द ही अग्रिम प्रकिया की जाएगी। -आशीष बैथवाल, सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई

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