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‘गैरसैंण को तत्काल स्थायी राजधानी घोषित करें’
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:42 PM IST
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बैठक करते राज्य आंदोलनकारी
- फोटो : अमर उजाला
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चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के पालिका सभागार में हुए प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में वक्ताओं ने सरकार से गैरसैंण को तत्काल स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन मिलनी चाहिए।
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण मेें बनाई जाएगी। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि अभी शहीदों के सपनों का राज्य नहीं बना है। राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त, रोजगारपरक बनाने, पलायन रोकने, राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।
महामंत्री नवीन नैथानी कहा कि यदि सभी राज्य आंदोलनकारी एक सूत्र में बंध जाएं तो सभी मांगें पूरी होंगी। महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष सवित्री नेगी ने कहा कि महिला राज्य आंदोलनकारी यह नहीं सोचें कि उन्हें पेंशन मिल गई है, क्षैतिज आरक्षण मिल गया तो आंदोलन समाप्त हो जाएगा। शहीदों के सपनों का राज्य बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। राज्य आंदोलनकारी महेश परिहार ने कहा कि सरकार गैरसैंण को तत्काल स्थायी राजधानी घोषित करे। संचालन वीरेंद्र बजेठा ने किया।
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सम्मेलन में मोहन चंद्र तेवाड़ी, चंदन नेगी, मदन कठायत, पीसी तिवारी, मोहन सिंह बिष्ट, दीवान बनौला, तुला सिंह तडिय़ाल, कमला जोशी, दुर्गादत्त भट्ट, ललित मेहरा, दीवान धपोला, नवीन नैथानी, मोहन सिंह रावत आदि ने विाचर रखे। सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से राज्य आंदोलनकारी पहुंचे थे। अंत में दिवंगत राज्य आंदोलनकारी स्व. पीसी जोशी, देवेंद्र उपाध्याय, पूरन सिंह डंगवाल, हरीश किरौला को श्रद्धांजलि दी गई।
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उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण मेें बनाई जाएगी। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि अभी शहीदों के सपनों का राज्य नहीं बना है। राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त, रोजगारपरक बनाने, पलायन रोकने, राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।
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महामंत्री नवीन नैथानी कहा कि यदि सभी राज्य आंदोलनकारी एक सूत्र में बंध जाएं तो सभी मांगें पूरी होंगी। महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष सवित्री नेगी ने कहा कि महिला राज्य आंदोलनकारी यह नहीं सोचें कि उन्हें पेंशन मिल गई है, क्षैतिज आरक्षण मिल गया तो आंदोलन समाप्त हो जाएगा। शहीदों के सपनों का राज्य बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। राज्य आंदोलनकारी महेश परिहार ने कहा कि सरकार गैरसैंण को तत्काल स्थायी राजधानी घोषित करे। संचालन वीरेंद्र बजेठा ने किया।
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सम्मेलन में मोहन चंद्र तेवाड़ी, चंदन नेगी, मदन कठायत, पीसी तिवारी, मोहन सिंह बिष्ट, दीवान बनौला, तुला सिंह तडिय़ाल, कमला जोशी, दुर्गादत्त भट्ट, ललित मेहरा, दीवान धपोला, नवीन नैथानी, मोहन सिंह रावत आदि ने विाचर रखे। सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से राज्य आंदोलनकारी पहुंचे थे। अंत में दिवंगत राज्य आंदोलनकारी स्व. पीसी जोशी, देवेंद्र उपाध्याय, पूरन सिंह डंगवाल, हरीश किरौला को श्रद्धांजलि दी गई।