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Almora News: पूर्व मंत्री जीना के गांव को विकास की दरकार, इधर भी देखो सरकार
Fri, 04 Aug 2023 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 04 Aug 2023 12:28 AM IST
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सुनौली में इसी जर्जर भवन में संचालित हो रहा इंटर कालेज।संवाद
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अल्मोड़ा। पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. सोबन सिंह जीना का पैतृक गांव सुनौली बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। सुनौली गांव में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। हालात यह हैं कि उच्चीकरण के 10 दस साल बाद भी इंटर कॉलेज के लिए भवन नहीं बना और जूनियर हाईस्कूल के भवन में इंटर की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। जर्जर हो चुके भवन मं विद्यार्थी पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. जीना की जयंती शुक्रवार यानि आज है। उन्होंने गुलामी के दौर में जिला परिषद के सदस्य चुने जाने पर सबसे पहले पर्वतीय क्षेत्रों में विद्यालय स्थापित कराए। हैरानी की बात यह है कि आज उनके पैतृक गांव में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। सुनौली गांव में वर्ष 2014 में जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण का इंटर कॉलेज संचालित हुआ, लेकिन 10 साल बाद भी इंटर काॅलेज का अपना भवन नहीं बन सका है और इंटर की कक्षाओं का संचालन जूनियर हाईस्कूल के भवन में हो रहा है।
विद्यालय में मात्र छह कक्षा कक्ष हैं जिनमें विद्यार्थियों के बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। कक्ष की जर्जर हैं। दीवारों पर सीमेंट उखड़ने से दरारें पड़ी हैं तो छत से पानी टपक रहा है। जब पूर्व विकास मंत्री के गांव और गृह क्षेत्र में ही शिक्षा व्यवस्था का यह हाल है तो अन्य जगह व्यवस्थाएं कैसी होंगीं, यह समझा जा सकता है। संवाद
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गणित की पढ़ाई के लिए लगाते हैं सात किमी दौड़
जीआईसी सुनौली में इंटर में गणित विषय को स्वीकृत नहीं मिली है। गणित पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को सात किमी दूर भकुना या फिर 40 किमी दूर अल्मोड़ा की दौड़ लगानी पड़ रही हैं। इसमें असमर्थ विद्यार्थी जीव विज्ञान पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
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घोषणा के बाद भी जीना की जयंती राजकीय कार्यक्रम नहीं हो सकी घोषित
पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. सोबन सिंह जीना की जयंती को राजकीय कार्यक्रम घोषित करने की दो-दो मुख्यमंत्रियों ने घोषणा की थी, जिस पर आज तक अमल नहीं हुआ है। ग्रामीण ईश्वर जोशी ने बताया कि अगस्त 2017 को स्व. जीना की प्रतिमा अनावरण करते हुए तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और छह सितंबर 2021 को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा आगमन पर जीना की जयंती को राजकीय कार्यक्रम के रूप में मनाने की घोषणा की थी जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है, जिससे उनके गांव के साथ ही जिले के लोग मायूस हैं।
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बोले लोग
सुनौली गांव तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। शासन प्रशासन को कई बार अवगत कराया लेकिन समाधान नहीं हो सका। - ईश्वर जोशी, पीटीए संरक्षक, जीआईसी सुनौली।
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विद्यालय में भवन न होने से पढ़ाई बाधित हो रही है। कई बार मांग करने के बाद भी अभी तक विद्यालय भवन नहीं बन सका है। - ममता भाकुनी, एसएमसी अध्यक्ष, जीआईसी सुनौली।
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पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. जीना की जयंती शुक्रवार यानि आज है। उन्होंने गुलामी के दौर में जिला परिषद के सदस्य चुने जाने पर सबसे पहले पर्वतीय क्षेत्रों में विद्यालय स्थापित कराए। हैरानी की बात यह है कि आज उनके पैतृक गांव में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। सुनौली गांव में वर्ष 2014 में जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण का इंटर कॉलेज संचालित हुआ, लेकिन 10 साल बाद भी इंटर काॅलेज का अपना भवन नहीं बन सका है और इंटर की कक्षाओं का संचालन जूनियर हाईस्कूल के भवन में हो रहा है।
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विद्यालय में मात्र छह कक्षा कक्ष हैं जिनमें विद्यार्थियों के बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। कक्ष की जर्जर हैं। दीवारों पर सीमेंट उखड़ने से दरारें पड़ी हैं तो छत से पानी टपक रहा है। जब पूर्व विकास मंत्री के गांव और गृह क्षेत्र में ही शिक्षा व्यवस्था का यह हाल है तो अन्य जगह व्यवस्थाएं कैसी होंगीं, यह समझा जा सकता है। संवाद
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गणित की पढ़ाई के लिए लगाते हैं सात किमी दौड़
जीआईसी सुनौली में इंटर में गणित विषय को स्वीकृत नहीं मिली है। गणित पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को सात किमी दूर भकुना या फिर 40 किमी दूर अल्मोड़ा की दौड़ लगानी पड़ रही हैं। इसमें असमर्थ विद्यार्थी जीव विज्ञान पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
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घोषणा के बाद भी जीना की जयंती राजकीय कार्यक्रम नहीं हो सकी घोषित
पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. सोबन सिंह जीना की जयंती को राजकीय कार्यक्रम घोषित करने की दो-दो मुख्यमंत्रियों ने घोषणा की थी, जिस पर आज तक अमल नहीं हुआ है। ग्रामीण ईश्वर जोशी ने बताया कि अगस्त 2017 को स्व. जीना की प्रतिमा अनावरण करते हुए तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और छह सितंबर 2021 को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा आगमन पर जीना की जयंती को राजकीय कार्यक्रम के रूप में मनाने की घोषणा की थी जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है, जिससे उनके गांव के साथ ही जिले के लोग मायूस हैं।
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बोले लोग
सुनौली गांव तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। शासन प्रशासन को कई बार अवगत कराया लेकिन समाधान नहीं हो सका। - ईश्वर जोशी, पीटीए संरक्षक, जीआईसी सुनौली।
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विद्यालय में भवन न होने से पढ़ाई बाधित हो रही है। कई बार मांग करने के बाद भी अभी तक विद्यालय भवन नहीं बन सका है। - ममता भाकुनी, एसएमसी अध्यक्ष, जीआईसी सुनौली।