सब के लिए के लिए सिर दर्द बनी अस्पताल में भर्ती महिला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब तीन माह पहले लावारिस हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई एक महिला अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों के लिए सिर दर्द बन चुकी है। इस महिला को बीमारी की हालत में एक व्यक्ति अस्पताल में भर्ती करा गया था। मानसिक रूप से कमजोर इस महिला की तबियत तो ठीक हो चुकी है, लेकिन उसे ले जाने वाला कोई नहीं है। अस्पताल को घर समझ रही यह महिला वहां से खुद भी जाने को भी तैयार नहीं है। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह मल-मूत्र भी बिस्तर में ही कर देती है। जिससे अन्य मरीज भी इस वार्ड में रहने को तैयार नहीं हैं। इसलिए एक वार्ड में सिर्फ उसे ही रखा गया है। अस्पताल के पीएमएस ने इस मामले में एसएसपी और जिलाधिकारी को भी में जानकारी दे दी है, लेकिन फिलहाल कुछ कार्रवाई नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक करीब 55-60 साल की यह महिला पिछले कुछ सालों से निकटवर्ती कोसी कस्बे में टहलती रहती थी और वहीं एटीएम के पास उसका ठिकाना था। कुछ माह पहले उसकी तबियत खराब हो गई और एक व्यक्ति 20 मई को बेहोशी की हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवा गया। 20-25 दिनों के इलाज के बाद इस महिला का स्वास्थ्य तो ठीक हो गया, लेकिन उसे अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जा सका। अस्पताल प्रशासन के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवा गए व्यक्ति को भी सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन उससे भी संपर्क नहीं हो सका। जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. प्रकाश वर्मा ने बताया कि यह महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है।
पीएमएस डा. वर्मा ने बताया कि वह पिछले काफी दिनों से जिलाधिकारी और एसएसपी को भी इस बारे में जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने एसएसपी से इस महिला को यहां से हटाकर मानसिक रोग संबंधी अस्पताल में भेजने का आग्रह किया है। एसएसपी ने इसके लिए कोतवाल को निर्देशित किया है, लेकिन फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इधर कोतवाल चंद्र मोहन सिंह ने कहा है कि इस महिला को शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के सम्मुख पेश किया जाएगा।