फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Fire Police

अग्निशमन विभाग को अब और कितना इंतजार कराएगा शासन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
Fire Police
अल्मोड़ा। जंगलों की आग हो या नगर क्षेत्र में कहीं आग की घटना हो अग्निशमन विभाग हमेशा से लोगों की मदद के लिए तत्पर रहा है। अल्मोड़ा जैसे घनी आबादी वाले शहर में तो अक्सर आग की घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद पुराने मॉडल के जीर्णशीर्ण वाहनों के साथ कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे अग्निशमन विभाग को विभागीय उच्चाधिकारियों का ही सहयोग नहीं मिल रहा है। जिले में 28 कर्मचारियों की कमी है। शासन में प्रस्तावित कर्मचारियों के खाली पदों को भरने और हाइड्रेंट लाइनों का प्रस्ताव शासन में डेढ़ साल से लंबित है।
विज्ञापन

आग की घटनाओं में जानमाल को बचाने के लिए अग्निशमन विभाग के कर्मचारी हमेशा से तैयार रहते हैं। कई बार एक ही समय पर अधिक जगहों पर अग्निकांड की घटनाएं हो जाती हैं लेकिन पर्याप्त संख्या न होने से विभाग के कर्मचारी सभी जगहों पर एक साथ नहीं जा पाते हैं।
विज्ञापन

करीब डेढ़ दो साल पहले अग्निशमन विभाग ने कर्मचारियों के पदों को भरने और करीब 56 नई हाइड्रेंट लाइनों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। 26 के सापेक्ष अल्मोड़ा में 12, रानीखेत में 16 कर्मचारी कम हैं। इसी तरह अल्मोड़ा नगर में 31, रानीखेत में 18 हाइड्रेंट लाइनें आबादी के लिहाज से काफी कम हैं। नगर में अधिकतर हाइड्रेंट लाइनें बाजार क्षेत्र में ही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रानीधारा, पांडेखोला, लोअर मालरोड, नरसिंह बाड़ी, जाखनदेवी जैसे आबादी वाले, सड़क मार्ग से सटे इलाकों में हाइड्रेंट लाइन नहीं है। हाइड्रेंट लाइन न होने से आग की घटनाओं के समय अग्निशमन विभाग को दूर जगहों से पानी भरकर घटना स्थल तक ले जाना पड़ता है।
2004 मॉडल के वाहन बुझा रहे आग
अल्मोड़ा। अग्निशमन विभाग के पास मुख्यालय में दो बड़े और एक छोटा फायर टेंडर (अग्निशमन विभाग का बड़ा वाहन) है। वहीं रानीखेत में दो वाहन हैं। ये वाहन भी 2004 मॉडल के हैं और काफी खराब हालत में हैं। इन वाहनों को निष्प्रयोज्य कर नए वाहन लाने की कार्रवाई भी नहीं हुई।

अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की काफी कमी है। नई हाइड्रेंट लाइनें भी लगानी जरूरी हैं। वाहन भी 15 साल पुराने हो चुके हैं। शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, स्वीकृति का इंतजार है।
- गिरीश सिंह बिष्ट, फायर स्टेशन अधिकारी, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed