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Almora News: लावारिस पशुओं को बिनसर में छोड़ने पर दो गांवों की महिलाओं में मारपीट
Tue, 23 Apr 2024 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 23 Apr 2024 12:28 AM IST
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लावारिस जानवरों को जंगल छोड़ने ले जातीं भतरौंजखान की महिलाएं।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। भतरौंजखान क्षेत्र के लावारिस जानवरों को बिनसर छोड़ने पर दो गांवों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। मारपीट में एक गांव की तीन महिलाएं घायल हो गईं। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
क्षेत्र में लंबे समय से लावारिस मवेशी परेशानी का सबब बने हुए हैं। भतरौंजखान क्षेत्र की 25 से अधिक महिलाएं 50 से अधिक लावारिस जानवरों को लेकर छह किमी दूर रीची गांव तक पहुंची। रीची की महिलाओं ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने बताया कि वे इन मवेशियों को दनपौ गांव से सौनी बिनसर के जंगल में छोड़ने जा रही हैं ताकि ये फसल बर्बाद न करें। अपने गांव के नजदीकी क्षेत्र में लावारिस जानवरों को छोड़ने की बात सुन रीची की महिलाएं गुस्सा उठीं। इस पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी।
लावारिस जानवरों को क्षेत्र में छोड़ने की सूचना मिलते ही सौनी, देवलीखेत और डाभर की महिलाएं भी रीची पहुंच गई और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के किसी तरह बीचबचाव के बाद दोनों पक्षों की महिलाएं लावारिस जानवरों को लेकर 15 किमी दूर भतरौंजखान थाने पहुंच गईं। यहां भी गहमागहमी का माहौल रहा। किसी तरह पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत किया। थाने में महिलाओं के बीच विवाद होता रहा और लावारिस जानवर जंगल की तरफ चल दिए।
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इस बारे में भतरौंजखान के थानाध्यक्ष मदनमोहन जोशी ने बताया कि सोनी, देवलीखेत, रींची क्षेत्र की महिलाएं लावारिस मवेशियों को लेकर थाने पहुंच गईं। उनका आरोप था कि भतरौंजखान क्षेत्र की महिलाएं लावारिस मवेशियों को बिनसर जंगल में छोड़ने आई थीं, इसका रीची में विरोध हुआ। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया गया।
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क्षेत्र में लंबे समय से लावारिस मवेशी परेशानी का सबब बने हुए हैं। भतरौंजखान क्षेत्र की 25 से अधिक महिलाएं 50 से अधिक लावारिस जानवरों को लेकर छह किमी दूर रीची गांव तक पहुंची। रीची की महिलाओं ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने बताया कि वे इन मवेशियों को दनपौ गांव से सौनी बिनसर के जंगल में छोड़ने जा रही हैं ताकि ये फसल बर्बाद न करें। अपने गांव के नजदीकी क्षेत्र में लावारिस जानवरों को छोड़ने की बात सुन रीची की महिलाएं गुस्सा उठीं। इस पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी।
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लावारिस जानवरों को क्षेत्र में छोड़ने की सूचना मिलते ही सौनी, देवलीखेत और डाभर की महिलाएं भी रीची पहुंच गई और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के किसी तरह बीचबचाव के बाद दोनों पक्षों की महिलाएं लावारिस जानवरों को लेकर 15 किमी दूर भतरौंजखान थाने पहुंच गईं। यहां भी गहमागहमी का माहौल रहा। किसी तरह पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत किया। थाने में महिलाओं के बीच विवाद होता रहा और लावारिस जानवर जंगल की तरफ चल दिए।
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इस बारे में भतरौंजखान के थानाध्यक्ष मदनमोहन जोशी ने बताया कि सोनी, देवलीखेत, रींची क्षेत्र की महिलाएं लावारिस मवेशियों को लेकर थाने पहुंच गईं। उनका आरोप था कि भतरौंजखान क्षेत्र की महिलाएं लावारिस मवेशियों को बिनसर जंगल में छोड़ने आई थीं, इसका रीची में विरोध हुआ। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया गया।