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Almora News: किसानों ने सीखे नकदी फसलों की उन्नत खेती के गुर
Thu, 10 Sep 2026 11:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 10 Sep 2026 11:59 PM IST
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वीपीकेएएस के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में आयोजित तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण संपन्न हो गया है। कार्यक्रम में किसानों को नकदी फसलों की उन्नत खेती के गुर सिखाए गए।
प्रतिभागी किसानों को व्याख्यानों और भ्रमण के माध्यम से उन्नत सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित किया गया। विषय विशेषज्ञों ने उन्हें नर्सरी प्रबंधन, बेमौसमी सब्जी उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित रोग और कीट प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। पर्वतीय कृषि प्रणाली में फसल विविधीकरण, जैविक और प्राकृतिक खेती के बहुआयामों, उच्च मूल्य वाली फसलों में मूल्यवर्धन, मृदा और जल संरक्षण प्रौद्योगिकियों का भी व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की मूल्य श्रृंखला के तहत खेत से बाजार तक विषय पर किसानों को उत्पादन और बाजार से जुड़ाव की जानकारी दी। निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने किसानों से प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाकर नकदी फसलों की उन्नत खेती करके अपनी आय बढ़ाने की अपील की। संचालन संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा, डॉ. सुशील कुमार और डॉ. दिवेकर ने किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में आयोजित तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण संपन्न हो गया है। कार्यक्रम में किसानों को नकदी फसलों की उन्नत खेती के गुर सिखाए गए।
प्रतिभागी किसानों को व्याख्यानों और भ्रमण के माध्यम से उन्नत सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित किया गया। विषय विशेषज्ञों ने उन्हें नर्सरी प्रबंधन, बेमौसमी सब्जी उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित रोग और कीट प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। पर्वतीय कृषि प्रणाली में फसल विविधीकरण, जैविक और प्राकृतिक खेती के बहुआयामों, उच्च मूल्य वाली फसलों में मूल्यवर्धन, मृदा और जल संरक्षण प्रौद्योगिकियों का भी व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की मूल्य श्रृंखला के तहत खेत से बाजार तक विषय पर किसानों को उत्पादन और बाजार से जुड़ाव की जानकारी दी। निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने किसानों से प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाकर नकदी फसलों की उन्नत खेती करके अपनी आय बढ़ाने की अपील की। संचालन संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा, डॉ. सुशील कुमार और डॉ. दिवेकर ने किया।
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