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Almora News: अल्मोड़ा में बेमौसम बारिश से किसान मायूस
Fri, 31 Mar 2023 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 31 Mar 2023 11:35 PM IST
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अल्मोड़ा। मौसम ने करवट बदली है। झमाझम बारिश हुई से लोगों को गर्मी से राहत मिली मगर बेमौसम बारिश से किसानों और कृषि विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह फसल पकने का समय है। इस समय फसलों को तापमान अधिक चाहिए। ऐसे में बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
जिले में शुक्रवार को सभी हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। जिला मुख्यालय में 2.5 मिमी तो रानीखेत में सबसे अधिक छह मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। जिले में 28 हजार हेक्टेयर में रबी की फसल बोई गई है। जौ, गेहूं, सरसों, मसूर सहित अन्य सभी तरह की फसलों का यह तैयार होने का समय है। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार फसल पकते समय तेज धूप की जरूरत होती है, जिसका असर उपज पर पड़ता है। बालियां पुष्ट होती हैं। ऐसे में यहां हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को फायदा कम नुकसान होने की संभावना बनी हुई है।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। शुक्रवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और तड़के झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश का सिलसिला रानीखेत, द्वाराहाट सहित आसपास के क्षेत्रों में दिन भर चलता रहा। जिस वजह से एक बार फिर ठंड ने दस्तक दे दी है। लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बच्चे छाता के सहारे स्कूल और घर पहुंचे। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी था। ठंड के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे।
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सोमेश्वर-कौसानी स्टेट हाईवे तालाब में हुआ तब्दील
संवाद न्यूज एजेंसी
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। बारिश ने जिले में गड्ढा मुक्त सड़कों के खोखले दावों की पोल खोलने का काम किया है। कौसानी, सोमेश्वर, रानीखेत सहित अन्य पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाला सोमेश्वर-कौसानी स्टेट हाईवे यहां बने गड्ढों में पानी भरने से तालाब में तब्दील हो चुका है, जिस पर आवाजाही खतरनाक बनी हुई है।
सोमेश्वर-कौसानी स्टेट हाईवे बदहाल है। इस सड़क पर गड्ढे बने हैं। नाली निकास न होने से बारिश का पानी गड्ढों में भरने से यह सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क से पर्यटक कौसानी, रानीखेत सहित अन्य पर्यटक स्थलों में पहुंचते हैं। लेकिन सड़क की दयनीय हालत को देखते हुए वे इस सड़क से आवाजाही करने में परहेज कर रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटक कारोबार प्रभावित हो रहा है। इधर, लोनिवि के जेई हेमंत पाठक ने कहा कि सड़क पर कौसानी से सोमेश्वर की तरफ डामरीकरण शुरू हो चुका है। जल्द ही सड़क ठीक कर दी जाएगी।
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गर्मियों में हो रहा है ठंड का एहसास
अल्मोड़ा। जिले में हुई बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है। हालात यह हैं कि लोगों को गर्मी के मौसम में ठंड का एहसास होने लगा है। लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश के बाद नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा। प्राकृतिक नौले-धारों का प्रवाह बढ़ने से पेयजल संकट से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
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बोले किसान
यह समय फसलों के पकने का है। इस समय बारिश फसलों के लिए सही नहीं है। इससे हम चिंतित हैं। - जीवन सिंह, कोसी।
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पूरा मौसम चक्र बदल गया है। पूर्व में बारिश नहीं हुई। अब फसलों के पकते समय बारिश हो रही है। इससे उपज पर असर पड़ सकता है। -हरीश सिंह, कोसी।
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बेमौसम बारिश फसलों के लिए ठीक नहीं है। हालांकि बागवानी को इसका लाभ मिलेगा। फसलों की उपज प्रभावित हो सकती है। - कुलदीप, बग्वालीपोखर।
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इस समय फसलों के पकने के लिए चटख धूप की जरूरत है। लेकिन बारिश होने से चिंता बढ़ गई है। कब तक किसान मौसम की मार सहेंगे। - मनोज, दोबटिया।
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कोट
निश्चित तौर पर फसलों के पकते समय बारिश का लाभ नहीं मिलता। फसलों के लिहाज से इसे बेमौसम बारिश की कहा जाएगा। हालांकि हल्की बारिश हो रही है, जिसका अधिक नुकसान नहीं होगा। - धनपत कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा।
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कहां कितनी हुई बारिश
अल्मोड़ा- 2.5 मिमी रानीखेत- 6.0 मिमी द्वाराहाट- 4.0 मिमी
चौखुटिया-2.0 मिमी
भिकियासैंण- 5.0 मिमी
सल्ट- 1.5 मिमी
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जिले में शुक्रवार को सभी हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। जिला मुख्यालय में 2.5 मिमी तो रानीखेत में सबसे अधिक छह मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। जिले में 28 हजार हेक्टेयर में रबी की फसल बोई गई है। जौ, गेहूं, सरसों, मसूर सहित अन्य सभी तरह की फसलों का यह तैयार होने का समय है। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार फसल पकते समय तेज धूप की जरूरत होती है, जिसका असर उपज पर पड़ता है। बालियां पुष्ट होती हैं। ऐसे में यहां हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को फायदा कम नुकसान होने की संभावना बनी हुई है।
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। शुक्रवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और तड़के झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश का सिलसिला रानीखेत, द्वाराहाट सहित आसपास के क्षेत्रों में दिन भर चलता रहा। जिस वजह से एक बार फिर ठंड ने दस्तक दे दी है। लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बच्चे छाता के सहारे स्कूल और घर पहुंचे। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी था। ठंड के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे।
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सोमेश्वर-कौसानी स्टेट हाईवे तालाब में हुआ तब्दील
संवाद न्यूज एजेंसी
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। बारिश ने जिले में गड्ढा मुक्त सड़कों के खोखले दावों की पोल खोलने का काम किया है। कौसानी, सोमेश्वर, रानीखेत सहित अन्य पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाला सोमेश्वर-कौसानी स्टेट हाईवे यहां बने गड्ढों में पानी भरने से तालाब में तब्दील हो चुका है, जिस पर आवाजाही खतरनाक बनी हुई है।
सोमेश्वर-कौसानी स्टेट हाईवे बदहाल है। इस सड़क पर गड्ढे बने हैं। नाली निकास न होने से बारिश का पानी गड्ढों में भरने से यह सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क से पर्यटक कौसानी, रानीखेत सहित अन्य पर्यटक स्थलों में पहुंचते हैं। लेकिन सड़क की दयनीय हालत को देखते हुए वे इस सड़क से आवाजाही करने में परहेज कर रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटक कारोबार प्रभावित हो रहा है। इधर, लोनिवि के जेई हेमंत पाठक ने कहा कि सड़क पर कौसानी से सोमेश्वर की तरफ डामरीकरण शुरू हो चुका है। जल्द ही सड़क ठीक कर दी जाएगी।
गर्मियों में हो रहा है ठंड का एहसास
अल्मोड़ा। जिले में हुई बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है। हालात यह हैं कि लोगों को गर्मी के मौसम में ठंड का एहसास होने लगा है। लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश के बाद नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा। प्राकृतिक नौले-धारों का प्रवाह बढ़ने से पेयजल संकट से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
बोले किसान
यह समय फसलों के पकने का है। इस समय बारिश फसलों के लिए सही नहीं है। इससे हम चिंतित हैं। - जीवन सिंह, कोसी।
पूरा मौसम चक्र बदल गया है। पूर्व में बारिश नहीं हुई। अब फसलों के पकते समय बारिश हो रही है। इससे उपज पर असर पड़ सकता है। -हरीश सिंह, कोसी।
बेमौसम बारिश फसलों के लिए ठीक नहीं है। हालांकि बागवानी को इसका लाभ मिलेगा। फसलों की उपज प्रभावित हो सकती है। - कुलदीप, बग्वालीपोखर।
इस समय फसलों के पकने के लिए चटख धूप की जरूरत है। लेकिन बारिश होने से चिंता बढ़ गई है। कब तक किसान मौसम की मार सहेंगे। - मनोज, दोबटिया।
कोट
निश्चित तौर पर फसलों के पकते समय बारिश का लाभ नहीं मिलता। फसलों के लिहाज से इसे बेमौसम बारिश की कहा जाएगा। हालांकि हल्की बारिश हो रही है, जिसका अधिक नुकसान नहीं होगा। - धनपत कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा।
कहां कितनी हुई बारिश
अल्मोड़ा- 2.5 मिमी रानीखेत- 6.0 मिमी द्वाराहाट- 4.0 मिमी
चौखुटिया-2.0 मिमी
भिकियासैंण- 5.0 मिमी
सल्ट- 1.5 मिमी