फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Families of the dead in Marchula accident carrying memories of their loved ones from police picket Almora

Almora: खुशियों का संसार उजड़ गया, पुलिस पिकेट से अपनों की यादें समेट कर ले जा रहे मृतकों और घायलों के परिजन

Sat, 09 Nov 2024 12:36 PM IST
हीरा मेहरा राजेश शर्मा, संवाद
राजेश शर्मा, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 09 Nov 2024 12:36 PM IST
सार

मरचूला क्षेत्र में चार नवंबर को हुए बस हादसे में कई परिवारों की खुशियों के जहां उजड़ गए। अब ऐसे लोगों के परिजन हादसे के वक्त मौके पर बिखरे उनके जरूरी सामान को यादों के तौर पर समेटकर घर ले जा रहे हैं।े

विज्ञापन
Families of the dead in Marchula accident carrying memories of their loved ones from police picket Almora
मरचूला पुलिस पिकेट से अपनों का बिखरा सामान लेने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मरचूला क्षेत्र में चार नवंबर को हुए बस हादसे में कई परिवारों की खुशियों के जहां उजड़ गए। अब ऐसे लोगों के परिजन हादसे के वक्त मौके पर बिखरे उनके जरूरी सामान को यादों के तौर पर समेटकर घर ले जा रहे हैं। ये सामान पुलिसकर्मियों की ओर से एकत्र कर मरचूला पुलिस पिकेट पर रखा गया है।

विज्ञापन

चार नवंबर की सुबह सवारियों से भरी एक बस कूपी बैंड के पास हादसे का शिकार हो गई थी। इसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 27 घायल हो गए थे। हादसे के बाद शवों के साथ बिखरा सामान पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल से एकत्र कर मरचूला पुलिस पिकेट में रख दिया है। पिछले तीन दिनों से ऐसे लोग जिनके अपने इस हादसे में काल के गाल में समा गए हैं या घायल होकर अस्पतालों और घरों में इलाज करवा रहे हैं, उनके खोए हुए सामान को तलाशते हुए परिजन पुलिस पिकेट पर आ रहे हैं और पहचान बताकर ले जा रहे हैं। यहां तैनात प्रधान आरक्षी दीपक कुमार ने बताया कि एक युवक इस हादसे में खो गए अपने भाई का बैग लेने आया। वह बैग को पकड़कर घंटों तक पिकेट में ही बैठा रोता रहा।

विज्ञापन

पीरूमदारा की एक महिला की हादसे में मौत हो गई थी। महिला के परिजन उसका मंगलसूत्र और अन्य सामान पहचान कर ले गए। उनका भी यह कहना था कि अब उनकी यादों के सहारे ही जीवन कटेगा। ऐसे ही एक बुजुर्ग अपने बेटे का स्कूली बैग लेने के लिए पहुंचे थे। वह बैग को हाथों में पकड़कर लड़खड़ाकर गिर पड़ा। वह रो-रोकर कहते रहे कि इतनी कम उम्र में उन्हें छोड़कर क्यों चला गया। यह मंजर हर रोज पुलिस पिकेट पर देखने को मिल रहा है और लोगों को भावुक कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed