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सीएम की घोषणा के बाद भी प्यासा है शहर

Thu, 28 May 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा Updated Thu, 28 May 2015 11:42 PM IST
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Even after the announcement of CM is thirsty city

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पिछले साल मई में सभी क्षेत्रों में दो घंटे से अधिक समय तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश पेयजल महकमे को दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ है। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में अनेक स्थानों पर पेयजल संकट शुरू हो गया है। जल संस्थान अल्मोड़ा नगर में मात्र 8.5 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर पा रहा है। जरूरत 11 एमएलडी पानी की है। यदि एक सप्ताह तक इसी तरह गर्मी बढ़ती रही और बारिश नहीं हुई तो पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक स्रोतों में पानी का स्तर गिरने लगा है।

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पिछले कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने लगी है। गर्मी के सीजन में नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत होने लगी है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। अल्मोड़ा नगर और आसपास के क्षेत्रों को कोसी नदी से जल संस्थान पेयजल की आपूर्ति करता है। डिविजन के अंतर्गत जल संस्थान की 300 पेयजल पाइपलाइनें हैं। यह लाइनें गांवों के आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोतों से जुड़ी हैं। इनमें से अधिकांश पेयजल योजनाएं एकल ग्राम समूह हैं। जल संस्थान ने ग्रामीण क्षेत्रों में खच्चरों से पानी पहुंचाने की जरूरत नहीं आंकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक स्रोतों में पानी का स्तर कम होने लगा है और लोगों को पेयजल की समस्या बनी हुई है।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नंदकिशोर ने बताया कि यदि सप्ताहभर के भीतर बारिश नहीं हुई तो पेयजल संकट गहरा सकता है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों पेयजल किल्लत हो रही है, वहां विभागीय टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो किराए पर टैंकर लिए जाएंगे, फिलहाल वैकल्पिक उपाय के लिए बजट नहीं मिला है।
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बैराज बनने से दूर होगा जलसंकट

33.80 करोड़ रुपए लागत ने कोसी नदी में बैराज का काम चल रहा है। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों ने दावे किए थे कि गर्मी के चालू सीजन में बैराज में चैनल गेट लगाकर एक मीटर तक पानी भर दिया जाएगा। फिलहाल अभी चैनल गेट नहीं बन सके हैं। जिससे इस सीजन में बैराज में पानी एकत्र नहीं होगा। हालांकि बैराज के बनने के बाद नगर, आसपास के क्षेत्रों को पानी की पर्याप्त आपूर्ति होगी और आगामी 15 साल तक लोगों को जल संकट से निजात मिलेगी।

निर्माणाधीन योजनाएं..
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- सरयू-बेलक-दन्यां, लागत-3577.29 लाख
- दोड़म, लागत-709.26 लाख
- पनार-भनोली, लागत-1858.58 लाख
- कपिलेश्वर-बानड़ी देवी, लागत-1473.95 लाख

इन योजनाओं की सर्वे शुरू...
गैराड़ (धौलादेवी), भांगादेवली, कपकोट (लमगड़ा)।

स्वीकृत एकल ग्रामसभा पेयजल योजनाएं....
पपोली (19 लाख), ध्यूलीधौनी (40 लाख), डामर (53 लाख)

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