{"_id":"b2e837bad4ff84c646b8d155972c330d","slug":"entring-leopard-cage-was-closed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुत्ते पर झटपते ही बंद हो गया पिंजरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुत्ते पर झटपते ही बंद हो गया पिंजरा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, भिकियासैंण (अल्मोड़ा)।
Updated Thu, 26 Mar 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
भिकियासैंण ब्लाक के छह से अधिक गांवों में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ माझली गांव में लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। सूचना मिलते ही देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
भिकियासैंण ब्लाक के श्रीकोट, माझली, नाहोरी, धूरा, इनोली, कुणझीणा आदि गांवों में तेंदुए का आतंक बना हुआ था। माझली गांव में तीन सप्ताह पूर्व आनंद सिंह रौतेला के मुर्गीबाडे़ में तेंदुआ घुस आया था। तेंदुए ने आनंद सिंह रौतेला पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। तब से शाम होते ही लोगों ने घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया था। करीब दो सप्ताह पूर्व ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग द्वारा माझली गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया।
विज्ञापन
मंगलवार की रात करीब दस बजे तेंदुआ जैसे ही पिंजरे से लगे दूसरे पिंजरे में बंधे कुत्ते पर झपटा तो पिंजरा बंद हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन दरोगा देवेंद्र सिंह नेगी टीम के साथ माझली पहुंच गए। तेंदुए को देखने काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। टीम तेंदुए को कार्बेट नेशनल पार्क के जंगल में ले गई। मेडिकल के बाद इसे वहीं छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन