नगर में धड़ल्ले से बिक रही हैं नशीली दवाएं
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नगर में नशीली दवाओं का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई के चलते नशीली दवाएं बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही जिससे युवा नशे के गर्त में डूबते जा रहे हैं। कुछ दवा विक्रेताओं द्वारा युवाओं को नशीली दवाएं बेचने की सूचना मिलने पर पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने चिन्हित दुकानों में छापेमारी की। इसमें दो दुकानों में नशीली दवाएं पकड़ी गई हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई करने के बजाय फिलहाल ड्रग इंस्पेक्टर ने इन दवा विक्रेताओं से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। सीएमओ का कहना है कि स्पष्टीकरण मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
अल्मोड़ा नगर में पिछले काफी समय से नशीली दवाओं का कारोबार चलने की सूचना मिल रही है। बताया गया है कि शुक्रवार को पुलिस को कुछ युवक एक स्थान पर नशे में झूमते नजर आए। पूछताछ करने पर पता लगा कि इन युवाओं ने नशीली दवाओं का सेवन किया था। इन युवकों ने पुलिस को उन दुकानों का नाम भी बता दिए जहां से वह दवाएं खरीदते हैं। बाद में पुलिस अधिकारियों ने ड्रग इंस्पेक्टर को बुलवाकर चेकिंग अभियान चलाया। जिसमें दो दुकानों में नशीली दवाएं मिली हैं।
सूत्रों के मुताबिक इनमें से एक दुकान में पूर्व में भी चेकिंग के दौरान नशीली दवाएं मिली थीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई के चलते ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों को आशंका है कि संदिग्ध दवाएं बेचने वाले इन दवा विक्रेताओं को इस बार भी बचा लिया जाएगा। इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पंत ने बताया कि दो मेडिकल स्टोरों में इस तरह की दवाएं मिली हैं। ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट ने संबंधित दवा विक्रेताओं से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है और यदि स्पष्टीकरण सही नहीं पाया गया तो उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने की संस्तुति कर दी जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा है कि जो दवा विक्रेता नियमों के विरुद्ध नशीली दवाएं बेचते पाए गए तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।