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Almora News: बारिश के इंतजार में 28 हजार हेक्टेयर की फसल पर सूखे की मार

Thu, 25 Jan 2024 12:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Thu, 25 Jan 2024 12:38 AM IST
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Draught Like Situation In almora For 26000 Heactare
अल्मोड़ा में थम गई पौध की बढ़वार, अब बारिश का भी नहीं मिलेगा लाभ
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अल्मोड़ा। जाड़ों में अब तक बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है। जिले में 129 दिन पूर्व सिर्फ 6.2 एमएम बारिश हुई थी, इसके बाद मौसम का साथ नहीं मिला। लंबे समय से बारिश न होने से 28 हजार हेक्टेयर में बोई गई रबी की फसल सूखे के कगार पर है। कृषि अधिकारी भी मानते हैं कि अब बारिश का फसलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस बार उत्पादन 60 फीसदी घटने की आशंका है।
अल्मोड़ा में 28 हजार हेक्टेयर में गेहूं, जौ, सरसों, मसूर, मटर आदि फसल बोई गई है। फसलों की बढ़वार और बेहतर उत्पादन के लिए नवंबर माह की बारिश बेहतर बताई जाती है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जिले में नवंबर माह में 18 एमएम बारिश होनी चाहिए लेकिन 17 सितंबर के बाद यहां बारिश की एक बूंद भी नहीं पड़ी है। इस वजह से पूरी फसल लगभग चौपट होने के कगार पर है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक चार माह से बारिश न होने से फसल की बढ़वार पूरी तरह थम गई है। हालात यह हैं कि अब बारिश का भी फसलों पर कोई अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा। सूखने के कगार पर पहुंच चुकी फसल अब हुई बारिश से हरी हो सकती है, लेकिन पर्याप्त कलियां, फूल न निकलने से इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार फसलों का उत्पादन 60 प्रतिशत से अधिक घटने की पूरी आशंका है। संवाद
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एक लाख से अधिक किसान सहेंगे सूखे की मार
अल्मोड़ा। मौसम की बेरुखी से कृषि विशेषज्ञों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जिले में खेती से आजीविका चला रहे एक लाख से अधिक किसान सूखे की मार सहने के लिए मजबूर हैं। उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी है।
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फरवरी से होगा सूखे का आंकलन
अल्मोड़ा। भले की कृषि विभाग अब हुई बारिश को फसलों के लाभदायक नहीं बता रहा है लेकिन वह सूखे के आंकलन के लिए कुछ दिनों का इंतजार और कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक फरवरी माह से सूखे का आंकलन शुरू होगा।
जिले में रबी सीजन की प्रमुख फसल का रकबा
फसल क्षेत्रफल हेक्टेयर में

जौ 3350

गेहूं 15750

सरसों, लाई 1955

मसूर 1050

मटर 187

चना 9

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कोट
जाड़ों में बारिश न होने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हुई है। निश्चित तौर पर अब हुई बारिश का कोई खास लाभ नहीं होगा। फरवरी माह से सूखे का आंकलन होगा।

-धनपत कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा।

बागेश्वर में 50 हेक्टेयर में फसल और फलों की खेती प्रभावित

बागेश्वर। जिले में 52 दिन पहले तीन दिसंबर को ढाई मिमी बारिश हुई थी, इसके बाद से मौसम साफ बना हुआ है। बारिश नहीं होने से 50 हेक्टेयर भूमि में फसल, सब्जी और फलों की खेती पर असर पड़ रहा है।

कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि जिले में 20 हेक्टेयर में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। बारिश नहीं होने से मटर, चना समेत अन्य फली वाले दाल और सब्जी, गोभी के उत्पादन पर असर पड़ रहा है। जल्द बारिश नहीं होने से प्रभावित फसल के दायरे में तेजी से बढ़ोत्तरी हो सकती है। जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से सर्दियों के सीजन में होने वाला पौधरोपण का काम रूका है। फलों की ग्रोथ पर भी बारिश और बर्फबारी नहीं होने का असर पड़ेगा। जिले में करीब 30 हेक्टेयर भूमि में फलों की खेती प्रभावित हो रही है। संवाद

24जेएनडी21-एसडीएम को ज्ञापन सौंपते कंप्यूटर प्रोफेशनल्ज संघ के सदस्य। संवाद

24जेएनडी21-एसडीएम को ज्ञापन सौंपते कंप्यूटर प्रोफेशनल्ज संघ के सदस्य। संवाद

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