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कुत्ते के शिकार को तेंदुआ गणाऊं गांव में गोठ में घुसा
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sun, 18 Mar 2018 12:01 AM IST
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शनिवार तड़के पांच बजे कुत्ते के शिकार की टोह में एक तेंदुआ जैंती तहसील के गणाऊं गांव में एक मकान के गोठ में घुस गया। गृह स्वामिनी ने साहस दिखाते हुए गोठ का दरवाजा बंद कर दिया। वन कर्मियों को सूचना दी गई। वन कर्मी 10 बजे पिंजरा लेकर गांव पहुंचे। दरवाजे में पिंजरा लगाकर तेंदुए को कैद कर लिया गया।
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गणाऊं गांव निवासी पुष्पा देवी सुबह पांच बजे उठकर अपने आंगन में आई। उनका पालतू कुत्ता भी बाहर आया। इसी दौरान घात लगाए तेंदुए ने कुत्ते पर झपटने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ता गोठ में घुस गया। तेंदुआ भी कुत्ते का पीछा करते हुए गोठ के भीतर चला गया। इसी दौरान कुत्ता कमरे से बाहर आ गया तो गृह स्वामिनी पुष्पा देवी ने साहस दिखाते हुए गोठ का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
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गोठ में सूखी घास रखी हुई थी। गोठ में बंद होने के बाद तेंदुआ दहाड़ने लगा। पुष्पा देवी ने पूर्व ग्राम प्रधान भुवन जोशी के माध्यम से वन विभाग को सूचना दी। देवीधूरा रेंज से वन क्षेत्राधिकारी भूपाल सिंह किरौला, वन दरोगा ईश्वरी राम, शंकर राम, वन रक्षक किशोरी लाल, जैंती रेंज के वन दरोगा रमेश चंद्र भट्ट पिंजरा लेकर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से पिंजरा गोठ के बाहर दरवाजे मेंलगाया गया।
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इसके बाद गोठ के दुमंजिले की पाल तोड़कर कमरे में बल्ब रोशनी की गई। करीब दस मिनट बाद तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन कर्मियों ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है उसकी उम्र करीब तीन वर्ष है। मादा तेंदुए को वन कर्मी देवीधूरा रेंज ले गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी भूपाल सिंह किरौला ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा। तेंदुए को पकडने में ग्रामीण प्रकाश जोशी, गोविंद सिंह, भाष्कर जोशी, भुवन पांडे, बची सिंह, सुरेंद्र सिंह बोरा आदि ने सहयोग दिया।