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राजकीय शिक्षक संघ का मंडलीय अधिवेशन शुरू
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राजकीय शिक्षक संघ के जीआईसी अल्मोड़ा में हुए मंडलीय अधिवेशन में मंचासीन शिक्षा मंत्री अरविंद पा
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि शिक्षकों का योग्य नागरिक निर्माण में अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निदान किया जाएगा। शिक्षामंत्री जीआईसी अल्मोड़ा में राजकीय शिक्षक संघ के दो दिनी मंडलीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि छात्र संख्या किन कारणों से घट रही है इस पर विचार करना होगा। जीर्णशीर्ण विद्यालयों को दुरुस्त करने के लिए धन कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। शिक्षकों की कमी दूर करने के प्रयास होंगे।
विशिष्ट अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने प्रधानाचार्यों, शिक्षकों के रिक्त पद भरने समेत क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के निर्माण की मांग मंत्री के सम्मुख रखी।
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प्रांतीय महामंत्री सोहन सिंह माजिला ने शिक्षा मंत्री के सम्मुख सोलह सूत्री मांगपत्र रखा। प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने शिक्षकों की कई समस्याएं उठाई। इससे पूर्व राजकीय विद्यालयों में घटती छात्र संख्या : कारण और चुनौतियां विषय पर शिक्षकों ने विचार रखे। सम्मेलन में एडी डॉ. मुकुल सती, सीईओ जगमोहन सोनी, डीईओ (बेसिक) आरएस यादव, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, बीईओ पीएस जंगपांगी, शिक्षक संघ प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, योगेश घिल्डियाल, जिलाध्यक्ष हीरा बोरा, मंत्री भूपाल चिलवाल, रमेश धपोला, राजेंद्र बोरा, कैलाश रावत, कुलदीप जोशी, मीनाक्षी जोशी, रवींद्र राणा, राजू महरा, नितेश कांडपाल, सुंदर कुंवर, दीपक सनवाल, दीप साह, अभय साह, किरन वाणी, त्रिभुवन सिंह आदि थे।
राजकीय शिक्षक संघ की मांगें
शिक्षकों के अंतर मंडलीय तबादले, अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण, पारस्परिक स्थानांतरण शत प्रतिशत करने। शिक्षकों के स्थानांतरण काउंसिलिंग के माध्यम से करने। विद्यालयों का कोटिकरण पूर्व नियमवाली की भांति उप श्रेणियों के आधार पर हो। दुर्गम में कार्य करने के इच्छुक शिक्षकों को अनिवार्य तबादले में छूट मिले। स्पष्ट पदोन्नति नीति तैयार हो प्रधानाध्यापक के रिक्त पद शत प्रतिशत पदोन्नति से भरें। प्रधानाचार्य के 451 रिक्त पदों पर एलटी प्रवक्ताओं को शामिल कर आयु सीमा की बाध्यता समाप्त हो। राज्य के परिप्रेक्ष्य में यात्रा अवकाश का शासनादेश जारी हो। वेतन विसंगति हो दूर। पुरानी पेंशन योजना की हो बहाली। शारीरिक शिक्षा के विषय के रूप में शामिल कर इंटर में व्यायाम, कला और वाणिज्य पद सृजित हो। एलटी का मंडल कैडर समाप्त कर प्रादेशिक कैडर बनाया जाए। आयुष्मान हेल्थ योजना शीघ्र लागू हो। परिषदीय परीक्षा के कृपांकों का लाभ मिले। एलटी का चयन वेतनमान 5400 और प्रवक्ता चयन वेतनमान 7600 किया जाए। उप्र की तरह शिक्षकों को स्वत: सत्रांत लाभ मिले। शिक्षकों के परीक्षाफल की प्रतिकूल प्रविष्टियों का शीघ्र विलोपन करें। जो शिक्षक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त विषय पढ़ा रहा है उन विषयों में प्रतिकूल प्रविष्टि नहीं दी जाए।
जीआईसी में नियमित प्रधानाचार्य की तैनाती की मुद्दा उठा
अल्मोड़ा। जीआईसी अल्मोड़ा में नियमित प्रधानाचार्य नहीं होने का मुद्दा भी सम्मेलन में उठा। मंत्री ने राजकीय शिक्षक संघ के 16 सूत्रीय मांगपत्र में से दस मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जिलेवार सुनी जाएंगी शिक्षकों की समस्याएं
अल्मोड़ा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रत्येक जिले में शिक्षकों की समस्याएं सुनी जाएंगी। इसकी शुरुआत पौड़ी से कर दी गई है। यूएस नगर, नैनीताल, चंपावत में जाकर वह शिक्षकों की समस्याएं सुन चुके हैं।
राजनीति में बेईमानी करने नहीं आए
अल्मोड़ा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह राजनीति में पैसा कमाने और बेईमानी करने नहीं आए हैं। पांच चुनाव जीत चुके हैं। उनकी सरकार ने दो साल में शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया है। प्रदेश में लागू पंचायत एक्ट को जायज बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे जहां लोग शिक्षित होंगे वहीं जनसंख्या बढ़ोतरी पर भी अंकुश लगेगा। चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश में जो शिक्षा मंत्री बना वह दोबारा जीतकर नहीं आया।
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उन्होंने कहा कि छात्र संख्या किन कारणों से घट रही है इस पर विचार करना होगा। जीर्णशीर्ण विद्यालयों को दुरुस्त करने के लिए धन कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। शिक्षकों की कमी दूर करने के प्रयास होंगे।
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विशिष्ट अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने प्रधानाचार्यों, शिक्षकों के रिक्त पद भरने समेत क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के निर्माण की मांग मंत्री के सम्मुख रखी।
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प्रांतीय महामंत्री सोहन सिंह माजिला ने शिक्षा मंत्री के सम्मुख सोलह सूत्री मांगपत्र रखा। प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने शिक्षकों की कई समस्याएं उठाई। इससे पूर्व राजकीय विद्यालयों में घटती छात्र संख्या : कारण और चुनौतियां विषय पर शिक्षकों ने विचार रखे। सम्मेलन में एडी डॉ. मुकुल सती, सीईओ जगमोहन सोनी, डीईओ (बेसिक) आरएस यादव, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, बीईओ पीएस जंगपांगी, शिक्षक संघ प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, योगेश घिल्डियाल, जिलाध्यक्ष हीरा बोरा, मंत्री भूपाल चिलवाल, रमेश धपोला, राजेंद्र बोरा, कैलाश रावत, कुलदीप जोशी, मीनाक्षी जोशी, रवींद्र राणा, राजू महरा, नितेश कांडपाल, सुंदर कुंवर, दीपक सनवाल, दीप साह, अभय साह, किरन वाणी, त्रिभुवन सिंह आदि थे।
राजकीय शिक्षक संघ की मांगें
शिक्षकों के अंतर मंडलीय तबादले, अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण, पारस्परिक स्थानांतरण शत प्रतिशत करने। शिक्षकों के स्थानांतरण काउंसिलिंग के माध्यम से करने। विद्यालयों का कोटिकरण पूर्व नियमवाली की भांति उप श्रेणियों के आधार पर हो। दुर्गम में कार्य करने के इच्छुक शिक्षकों को अनिवार्य तबादले में छूट मिले। स्पष्ट पदोन्नति नीति तैयार हो प्रधानाध्यापक के रिक्त पद शत प्रतिशत पदोन्नति से भरें। प्रधानाचार्य के 451 रिक्त पदों पर एलटी प्रवक्ताओं को शामिल कर आयु सीमा की बाध्यता समाप्त हो। राज्य के परिप्रेक्ष्य में यात्रा अवकाश का शासनादेश जारी हो। वेतन विसंगति हो दूर। पुरानी पेंशन योजना की हो बहाली। शारीरिक शिक्षा के विषय के रूप में शामिल कर इंटर में व्यायाम, कला और वाणिज्य पद सृजित हो। एलटी का मंडल कैडर समाप्त कर प्रादेशिक कैडर बनाया जाए। आयुष्मान हेल्थ योजना शीघ्र लागू हो। परिषदीय परीक्षा के कृपांकों का लाभ मिले। एलटी का चयन वेतनमान 5400 और प्रवक्ता चयन वेतनमान 7600 किया जाए। उप्र की तरह शिक्षकों को स्वत: सत्रांत लाभ मिले। शिक्षकों के परीक्षाफल की प्रतिकूल प्रविष्टियों का शीघ्र विलोपन करें। जो शिक्षक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त विषय पढ़ा रहा है उन विषयों में प्रतिकूल प्रविष्टि नहीं दी जाए।
जीआईसी में नियमित प्रधानाचार्य की तैनाती की मुद्दा उठा
अल्मोड़ा। जीआईसी अल्मोड़ा में नियमित प्रधानाचार्य नहीं होने का मुद्दा भी सम्मेलन में उठा। मंत्री ने राजकीय शिक्षक संघ के 16 सूत्रीय मांगपत्र में से दस मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जिलेवार सुनी जाएंगी शिक्षकों की समस्याएं
अल्मोड़ा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रत्येक जिले में शिक्षकों की समस्याएं सुनी जाएंगी। इसकी शुरुआत पौड़ी से कर दी गई है। यूएस नगर, नैनीताल, चंपावत में जाकर वह शिक्षकों की समस्याएं सुन चुके हैं।
राजनीति में बेईमानी करने नहीं आए
अल्मोड़ा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह राजनीति में पैसा कमाने और बेईमानी करने नहीं आए हैं। पांच चुनाव जीत चुके हैं। उनकी सरकार ने दो साल में शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया है। प्रदेश में लागू पंचायत एक्ट को जायज बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे जहां लोग शिक्षित होंगे वहीं जनसंख्या बढ़ोतरी पर भी अंकुश लगेगा। चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश में जो शिक्षा मंत्री बना वह दोबारा जीतकर नहीं आया।