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जिला विकास प्राधिकरण अस्तित्व में आया
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:25 PM IST
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शासन के हाल के फैसले के बाद अल्मोड़ा में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने काम करना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी प्राधिकरण के पदेन उपाध्यक्ष होंगे जबकि मंडलायुक्त प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण की पहली बैठक में जिलाधिकारी ईवा आशीष ने बताया कि प्राधिकरण के तहत राष्ट्रीय राज मार्गों और राज्य मार्गों की 200 मीटर परिधि में आने वाले सभी गांव इसके कार्य क्षेत्र में आएंगे। उन्होंने प्राधिकरण क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत निर्माण नहीं होने पर अपर जिलाधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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बता दें कि बीते दिनों प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में जिला विकास प्राधिकरण के गठन करने का निर्णय लिया था। हाल ही में शासन से आदेश हो जाने के बाद अल्मोड़ा जिले में भी जिला विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है। अब राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राज मार्गों के 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के निर्माण जिला विकास प्राधिकरण द्वारा तय मानकों के मुताबिक ही होंगे।
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जिलाधिकारी ने बताया कि इस प्राधिकरण के अंतर्गत सभी नगर निकाय समेत राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग की 200 मीटर परिधि में आने वाले सभी गांव इसके कार्य क्षेत्र में आएंगे। उन्होंने बताया कि 30 वर्ग मीटर साइज की दुकानों और 200 वर्ग मीटर के मकानों के निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कार्मिकों की नियुक्ति के लिए आवश्यकतानुसार उपनल, पीआरडी के माध्यम से कार्मिक तैनात किए जाएंगे।
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इसका मुख्य कार्यालय कलक्ट्रेट परिसर में बनाया जाएगा। मंडलायुक्त प्राधिकरण के अध्यक्ष, जिलाधिकारी उपाध्यक्ष और एडीएम सचिव होंगे। रानीखेत और चौखुटिया में क्षेत्रीय कार्यालय होंगे। संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम संयुक्त सचिव होंगे।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि नगर में बढ़ रहे वाहनों की संख्या से निरंतर यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। इसके लिए विकास भवन तक रोपवे का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस संबंध में रोप वे और टनल निर्माण एजेंसी ब्रिडकुल से संपर्क स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर के आंतरिक मार्गों को जोड़ने के लिए सुरंग बनाने की योजना में भी विचार होगा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी सचिव विकास प्राधिकरण केएस टोलिया, डिप्टी कलक्टर रजा अब्बास, पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर, नगर पंचायत भिकियासैंण प्रदीप कुमार, बसंत पांडे, खीमानंद जोशी आदि मौजूद थे।