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Almora News: सोमेश्वर में बिजली, पानी के लिए तरसे आपदा प्रभावित
Sat, 11 May 2024 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 11 May 2024 11:41 PM IST
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सोमेश्वर क्षेत्र में आसमानी आफत के बाद उपजे हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। घरों के साथ ही रास्तों से मलबा नहीं हट सका है। यहां तक कि आपदा प्रभावित बिजली, पानी के लिए भी तरस गए हैं। आपदा प्रभावित गांव चनौदा में चार दिन से बिजली तो अधूरिया में जलापूर्ति ठप है।
सोमेश्वर के चनौदा, अधूरिया, जैंचोली, भनार, गुरुड़ा, बैगनिया, लखनाड़ी, जालधौलाड़, डिगरा, भगतोला, बले, रेमलाडूंगरी, मालौंज गांवों के लोगों के लिए बीते बुधवार रात हुई बारिश आफत बनकर बरसी। भारी बारिश के बाद पहाड़ी से निकला मलबा लोगों के घरों में घुस गया और रास्ते, पेयजल और बिजली लाइन आपदा की भेंट चढ़ गईं। चार दिन बाद भी यहां हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। हालांकि लोगों ने अपने घरों से खुद मलबा हटाया है, लेकिन प्रभावित बिजली और पानी का संकट झेल रहे हैं। चनौदा में चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। यूपीसीएल के लिए मलबे के बीच क्षतिग्रस्त खंभों और लाइन को ठीक करना चुनौती बना है। ऐसे में प्रभावित मोमबत्ती के सहारे घरों को रोशन करने के लिए मजबूर हैं। वहीं अधूरिया में पेयजल लाइन आपदा की भेंट चढ़ने से जलापूर्ति ठप है। किसी तरह टैंकरों से प्रभावितों की प्यास बुझ रही है। पानी की कमी के चलते प्रभावित कपड़े धोने के लिए दो किमी दूर नदी की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। संवाद
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अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे पर नहीं हटा मलबा
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे भारी बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से बीते बुधवार बंद हो गया था। चार दिन बाद भी सड़क से मलबा पूरी तरह नहीं हट सका है। ऐसे में सोमेश्वर के चनौदा के पास हाईवे पर वन वे व्यवस्था लागू करनी पड़ी है। आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि मलबा हटाने में जेसीबी लगाई गई हैं। जल्द मलबा हटा लिया जाएगा।
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सोमेश्वर के चनौदा, अधूरिया, जैंचोली, भनार, गुरुड़ा, बैगनिया, लखनाड़ी, जालधौलाड़, डिगरा, भगतोला, बले, रेमलाडूंगरी, मालौंज गांवों के लोगों के लिए बीते बुधवार रात हुई बारिश आफत बनकर बरसी। भारी बारिश के बाद पहाड़ी से निकला मलबा लोगों के घरों में घुस गया और रास्ते, पेयजल और बिजली लाइन आपदा की भेंट चढ़ गईं। चार दिन बाद भी यहां हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। हालांकि लोगों ने अपने घरों से खुद मलबा हटाया है, लेकिन प्रभावित बिजली और पानी का संकट झेल रहे हैं। चनौदा में चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। यूपीसीएल के लिए मलबे के बीच क्षतिग्रस्त खंभों और लाइन को ठीक करना चुनौती बना है। ऐसे में प्रभावित मोमबत्ती के सहारे घरों को रोशन करने के लिए मजबूर हैं। वहीं अधूरिया में पेयजल लाइन आपदा की भेंट चढ़ने से जलापूर्ति ठप है। किसी तरह टैंकरों से प्रभावितों की प्यास बुझ रही है। पानी की कमी के चलते प्रभावित कपड़े धोने के लिए दो किमी दूर नदी की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। संवाद
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अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे पर नहीं हटा मलबा
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे भारी बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से बीते बुधवार बंद हो गया था। चार दिन बाद भी सड़क से मलबा पूरी तरह नहीं हट सका है। ऐसे में सोमेश्वर के चनौदा के पास हाईवे पर वन वे व्यवस्था लागू करनी पड़ी है। आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि मलबा हटाने में जेसीबी लगाई गई हैं। जल्द मलबा हटा लिया जाएगा।
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