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गांव वालों की गुहार : प्रवासियों को घरों के बजाय स्कूल और पंचायतघरों में क्वारंटीन करो सरकार
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रानीखेत। उपमंडल क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। एक दिन पहले ताड़ीखेत ब्लॉक में तीन संक्रमितों की पुस्टि हुई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक सैकड़ों प्रवासी लौट चुके हैं, उन्हें होम क्वारंटीन किया जा रहा है। इनकी देखरेख का जिम्मा प्रधानों को सौंप गया ही। संसाधन विहीन प्रधान भी इन्हें इन हालातों में कैसे क्वारंटीन के नियमों का पालन कराएं।
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धूरफात क्षेत्र के समाजिक कार्यकर्ता प्रकाश करायत ने होम क्वारंटीन के औचित्य पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर गांव में पंचायतघर हैं, बहुद्देशीय भवन, स्कूल, कालेज हैं। दिन प्रतिदिन केस बढ़ रहे हैं, जिस कारण गांव में भय का माहौल बना हुआ है। प्रवासियों को वाहनों में लाकर खैरना, गरमपानी छोड़ दिया जा रहा है। वहां से प्रवासी दो से तीन किलोमीटर की लैंडल दूरी तय कर पैदल गांव पहुंच रहे हैं। इस बीच वह कई लोगों से मिल भी रहे होंगे। प्रसाशन को जिम्मेदारी लेकर लरवासियों के लिए ठोस इंतजाम करने चाहिए।
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