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Almora News: नवाचार को समाज व जनकल्याण से जोड़ने पर मंथन
Mon, 07 Sep 2026 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:09 PM IST
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मानसखंड विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।
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अल्मोड़ा। मानसखंड विज्ञान केंद्र में सोमवार को साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन एंड पॉलिसी डायलॉग कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार को समाज एवं जनकल्याण से जोड़ने पर मंथन किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शिक्षकों और नवाचारियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि विज्ञान मानव जीवन की चुनौतियों के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। वैज्ञानिक तकनीकों से कृषि, कनेक्टिविटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आया है। उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने विज्ञान केंद्र की नई कैंटीन का उद्घाटन भी किया। कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि शोध और नवाचार ऐसा होना चाहिए जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिले। पैनल चर्चा में स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, अनुसंधान, रोजगार और एसटीआई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार रखे गए। कार्यक्रम में विज्ञान एवं शिक्षण क्षेत्र में योगदान के लिए उमेश चंद्र पांडे, डॉ. कपिल नैयाल और दिनेश चंद्र को विज्ञान पुरोधा पुरस्कार दिया गया। वहीं प्रो. गणेश चंद्र जोशी को विज्ञान शिरोमणि लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में यूकोस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने ऑनलाइन संबोधन किया।
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मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि विज्ञान मानव जीवन की चुनौतियों के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। वैज्ञानिक तकनीकों से कृषि, कनेक्टिविटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बदलाव आया है। उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने विज्ञान केंद्र की नई कैंटीन का उद्घाटन भी किया। कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि शोध और नवाचार ऐसा होना चाहिए जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिले। पैनल चर्चा में स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, अनुसंधान, रोजगार और एसटीआई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार रखे गए। कार्यक्रम में विज्ञान एवं शिक्षण क्षेत्र में योगदान के लिए उमेश चंद्र पांडे, डॉ. कपिल नैयाल और दिनेश चंद्र को विज्ञान पुरोधा पुरस्कार दिया गया। वहीं प्रो. गणेश चंद्र जोशी को विज्ञान शिरोमणि लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में यूकोस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने ऑनलाइन संबोधन किया।
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