द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। घायल बेटी का उपचार कराते कराते कर्ज में डूबे बाप ने अब राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। वाकया है राज्य की घायल एथलीट गरिमा जोशी के पिता पूरन चंद्र जोशी का। उनका कहना है कि घायल बेटी और पत्नी का उपचार कराते वह कर्ज में डूब चुके हैं। पत्नी की कैंसर से मौत हो चुकी है, जबकि बेटी का अभी भी दिल्ली में उपचार चल रहा है। परिवार की हालत बेहद दयनीय है। उन्होंने एसडीएम के मार्फत राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छामृत्यु मांगी है।
छतगुल्ला गांव निवासी पूरन चंद्र जोशी की पुत्री धाविका गरिमा जोशी पिछले साल मई महीने में अभ्यास के दौरान बंगलूरू में सड़क हादसे में घायल हो गई थी, उन्हें अज्ञात कार सवार टक्कर मारकर भाग निकला। तब से उनका स्पाइनल इंजरी सेंटर दिल्ली में उपचार चल रहा है। बकौल पूरन जोशी पुत्री गरिमा के उपचार में अब तक लाखों का खर्च आ चुका है। उत्तराखंड सरकार ने गरिमा के पूर्ण इलाज का खर्च उठाने का भरोसा दिलाया और मात्र 13.10 लाख रुपये की मदद की। सरकार अब उपचार के बिलों का भुगतान भी नहीं कर रही है। उनका कहना है कि घायल बेटी और कैंसर से जूझ रही पत्नी के इलाज के लिए उन्होंने दो बैंकों से ऋण लिया है, जिनका भुगतान वह नहीं कर पा रहें हैं। जबकि पत्नी की कैंसर से मौत हो चुकी है। बेटी के उपचार में अत्यधिक खर्च आ रहा है। छोटे भाई का भी गत दिनों निधन हो गया है। अब परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो चली है। कर्ज के बोझ तले वह दबते जा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से अब इच्छामृत्यु की गुहार लगाई है।