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Almora News: नीले अंबर के नीचे बैठकर भविष्य गढ़ रहीं बेटियां

Fri, 04 Aug 2023 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Fri, 04 Aug 2023 12:22 AM IST
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Daughters are making future sitting under the blue sky
सोमेवश्वर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में इस तरह खुले आसमान के नीचे पढ़ने के लिए मजबूर है
सोमेश्वर(अल्मोड़ा)। अल्मोड़ा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को पलीता लग रहा है। महिला मंत्री के गृह क्षेत्र सोमेश्वर का कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चनौदा इसका प्रमाण है। सरकारी मशीनरी की बेरुखी के चलते यहां 131 बेटियां बारिश और धूप के बीच खुले आसमान में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। छह कक्ष के सापेक्ष यहां महज चार कक्ष बने हैं। उनमें से भी दो जर्जर हो चुके हैं, जिनके गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बेटियों के सामने खुले आसमान या बरामदे में बैठकर पढ़ने की मजबूरी है।
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सोमेश्वर के चनौदा में बेटियों के लिए कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोला गया है जहां 131 बेटियां सुनहरे भविष्य के सपने बुनने पहुंचती हैं। लेकिन इन्हें बदहाल व्यवस्थाओं की मार सहनी पड़ रही है। बेटियों के बैठने के लिए यहां छह कक्षों की जरूरत है। लेकिन महज चार कक्षों का निर्माण हुआ है। इनमें से दो कक्ष बैठने लायक नहीं है।
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इनमें छत से पानी टपकता है, जिससे सरिया गलने से इनके गिरने का खतरा बना हुआ है। उनकी सुरक्षा को देखते हुए इन कक्षों में पढ़ाई नहीं होती और इन्हें बंद करना पड़ा है। ऐसे में बेटियां खुले आसमान के नीचे पढ़ने के लिए मजबूर हैं। बारिश में उन्हें बरामदे में बैठाया जाता है, तब जाकर पढ़ाई होती है। दिक्कत तब बढ़ती है जब ठंड का मौसम आता है। ऐसे में वे ठंड में ठिठुरते हुए किसी तरह पढ़ाई करती हैं। लेकिन उनकी यह परेशानी किसी को नहीं दिख रही। हैरानी की बात यह है कि यह क्षेत्र महिला मंत्री रेखा आर्या का गृह क्षेत्र है। संवाद
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न तो कंप्यूटर कक्ष ना ही खेल मैदान
सोमेश्वर। कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चनौदा में कंप्यूटर कक्ष तक नहीं है। यहां तक कि बेटियों के खेलने के लिए मैदान का निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे में बेटियां इस कंप्यूटर युग में कैसे अपने को सशक्त बनाएंगी और खेलों में उनका भविष्य कैसे बेहतर होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

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छात्राओं और शिक्षिकाओं के लिए महज एक शौचालय
सोमेश्वर। चनौदा विद्यालय में छात्र संख्या अच्छी है। लेकिन छात्राओं के लिए शौचालयों का अभाव है। अधिकारियों के मुताबिक मानकों के अनुसार यहां दो शौचालय होने चाहिए। लेकिन दूसरा शौचालय कब बनेगा, यह कोई नहीं जानता।

विद्यालय की समस्याओं की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। इन समस्याओं को दूर करने के प्रयास हो रहे हैं। - विनय कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, ताकुला।
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