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डीडीए के खिलाफ गांधी पार्क में फिर धरना शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 11 Dec 2018 11:36 PM IST
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गांधी पार्क अल्मोड़ा में धरना देते विभिन्न संगठनों के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला विकास प्राधिकरण समाप्त करने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने पुन: गांधी पार्क में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस अवसर पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थिति को देखते हुए प्राधिकरण को जल्द समाप्त करे।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लागू करने से लोग भवनों का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। प्राधिकरण की औपचारिकताएं पूर्ण करने में लोगों को काफी मुश्किलें हो रही हैं। वहीं प्राधिकरण लागू होने के बाद भवनों के नक्शे पास करने के लिए काफी शुल्क देना पड़ रहा है। सरकार का यह फैसला क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए अनुचित है। समिति के संयोजक पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि जब तक प्राधिकरण समाप्त नहीं हो जाता है प्रत्येक मंगलवार को दोपहर 12 बजे से अपराह्न दो बजे तक धरना दिया जाएगा।
पूर्व सैनिक लीग के सदस्यों ने भी आंदोलन को समर्थन जताया। विभिन्न संगठनों ने सरकार द्वारा जल मूल्य में प्रतिवर्ष नौ फीसदी वृद्धि करने को अनुचित करार दिया। सरकार से इस फैसले को भी वापस लेने की मांग की गई। धरने पर आनंद सिंह ऐरी, हर्ष कनवाल, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, लीला खोलिया, पूर्व सैनिक लीग के दीपक टम्टा, जेएस बिष्ट, एमएस बिष्ट, पीजी गोस्वामी, महिपाल मेहता, शरद कुमार, रजनी टम्टा, लीला जोशी, लक्ष्मण ऐठानी, वैभव पांडे, अख्तर हुसैन, मोइनुद्दीन कुरैशी, मोहन सिंह, दीवान धपोला, प्रमोद कुमार, केशव दत्त पांडे आदि ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लागू करने से लोग भवनों का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। प्राधिकरण की औपचारिकताएं पूर्ण करने में लोगों को काफी मुश्किलें हो रही हैं। वहीं प्राधिकरण लागू होने के बाद भवनों के नक्शे पास करने के लिए काफी शुल्क देना पड़ रहा है। सरकार का यह फैसला क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए अनुचित है। समिति के संयोजक पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि जब तक प्राधिकरण समाप्त नहीं हो जाता है प्रत्येक मंगलवार को दोपहर 12 बजे से अपराह्न दो बजे तक धरना दिया जाएगा।
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पूर्व सैनिक लीग के सदस्यों ने भी आंदोलन को समर्थन जताया। विभिन्न संगठनों ने सरकार द्वारा जल मूल्य में प्रतिवर्ष नौ फीसदी वृद्धि करने को अनुचित करार दिया। सरकार से इस फैसले को भी वापस लेने की मांग की गई। धरने पर आनंद सिंह ऐरी, हर्ष कनवाल, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, लीला खोलिया, पूर्व सैनिक लीग के दीपक टम्टा, जेएस बिष्ट, एमएस बिष्ट, पीजी गोस्वामी, महिपाल मेहता, शरद कुमार, रजनी टम्टा, लीला जोशी, लक्ष्मण ऐठानी, वैभव पांडे, अख्तर हुसैन, मोइनुद्दीन कुरैशी, मोहन सिंह, दीवान धपोला, प्रमोद कुमार, केशव दत्त पांडे आदि ने भाग लिया।
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