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रामनवमी पर भी मंदिरों में कम रही रौनक, घरों में कराए अनुष्ठान
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अल्मोड़ा के कलक्ट्रेट स्थित रामशिला मंदिर में पूजा को पहुंचे श्रद्धालु।
- फोटो : ALMORA
चैत्र नवरात्र की नवमी के दिन नगर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक रामशिला मंदिर समेत अन्य मंदिरों में पहले हजारों भक्त उमड़ते थे लेकिन बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इस बार नवमी के दिन मंदिर में श्रद्धालु कम जुटे। अधिकतर लोगों ने घरों में अनुष्ठान कर व्रत का पारायण किया।
चैत्र नवरात्र के नौवें दिन देवी भगवती के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा की गई। मां के इस स्वरूप की आराधना के साथ ही नवरात्र व्रत का पारायण हुआ। भक्तों ने या देवी सर्वभुतेषु लक्ष्मी रुपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्र से मां की उपासना की। चैत्र नवरात्र की नवमी के दिन अल्मोड़ा कलक्ट्रेट स्थित ऐतिहासिक रामशिला मंदिर में पूजा का विशेष फल मिलता है। कोरोना महामारी बढ़ने से इस बार ऐतिहासिक रामशिला मंदिर, नंदादेवी मंदिर, बानड़ी देवी मंदिर समेत जिले के अन्य मंदिरों में श्रद्धालु कम संख्या में आए। अधिकतर लोगों ने घरों में ही पूजन किया।
बिना कन्या पूजन के ही चैत्र नवरात्र हुए संपन्न
अल्मोड़ा। नवमी पूजा के साथ ही चैत्र नवरात्र का समापन हो गया। नवमी के दिन सिद्धिदात्री देवी पूजन के साथ कन्या भोज और यज्ञ का विशेष फल मिलता है लेकिन कोरोना महामारी बढ़ने से इस साल अधिकांश जगह बिना कन्या पूजन ही चैत्र नवरात्र संपन्न हुए। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अभिभावकों ने अपनी कन्याओं को कन्या पूजन कार्यक्रमों में नहीं भेजा। इस कारण श्रद्धालुओं को बिना कन्या पूजन के ही चैत्र नवरात्र के व्रतों का पारायण करना पड़ा। जिन घरों में एक दो कन्याएं थीं उन लोगों ने ही कन्या पूजन किया। अधिकतर श्रद्धालुओं ने मां को ही भोग लगाया।
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चैत्र नवरात्र के नौवें दिन देवी भगवती के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा की गई। मां के इस स्वरूप की आराधना के साथ ही नवरात्र व्रत का पारायण हुआ। भक्तों ने या देवी सर्वभुतेषु लक्ष्मी रुपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्र से मां की उपासना की। चैत्र नवरात्र की नवमी के दिन अल्मोड़ा कलक्ट्रेट स्थित ऐतिहासिक रामशिला मंदिर में पूजा का विशेष फल मिलता है। कोरोना महामारी बढ़ने से इस बार ऐतिहासिक रामशिला मंदिर, नंदादेवी मंदिर, बानड़ी देवी मंदिर समेत जिले के अन्य मंदिरों में श्रद्धालु कम संख्या में आए। अधिकतर लोगों ने घरों में ही पूजन किया।
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बिना कन्या पूजन के ही चैत्र नवरात्र हुए संपन्न
अल्मोड़ा। नवमी पूजा के साथ ही चैत्र नवरात्र का समापन हो गया। नवमी के दिन सिद्धिदात्री देवी पूजन के साथ कन्या भोज और यज्ञ का विशेष फल मिलता है लेकिन कोरोना महामारी बढ़ने से इस साल अधिकांश जगह बिना कन्या पूजन ही चैत्र नवरात्र संपन्न हुए। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अभिभावकों ने अपनी कन्याओं को कन्या पूजन कार्यक्रमों में नहीं भेजा। इस कारण श्रद्धालुओं को बिना कन्या पूजन के ही चैत्र नवरात्र के व्रतों का पारायण करना पड़ा। जिन घरों में एक दो कन्याएं थीं उन लोगों ने ही कन्या पूजन किया। अधिकतर श्रद्धालुओं ने मां को ही भोग लगाया।
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