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Almora News: 225 किलो घी से तैयार हुआ घृत कमल
Mon, 15 Jan 2024 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 15 Jan 2024 11:45 PM IST
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अल्मोड़ा। जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव मकर संक्रांति पर एक माह के लिए घी की गुुफा (घृत कमल) के भीतर साधनालीन हो गए। बीते वर्ष की तुलना में इस बार घृत कमल तैयार करने के लिए ज्यादा मात्रा में घी एकत्र हुआ। विदेशी भक्तों ने भी अपने आराध्य के लिए घृत कमल तैयार करने के लिए घी भेजा। इस बार 225 किलो घी से घृत कमल तैयार किया गया।
मकर संक्रांति पर्व पर भगवान शिव एक माह के लिए घी की गुफा में साधना में लीन हो जाते हैं। बीते वर्ष बाबा जागनाथ के लिए 108 किलो घी से घृत कमल तैयार किया गया। इस बार पुराने रिकार्ड टूटे हैं और काफी मात्रा में घी एकत्र हुआ है। जागेश्वर धाम के पुजारी प्रतिनिधि पंडित नवीन चंद्र भट्ट ने बताया कि इस बार घृत कमल तैयार करने के लिए 225 किलो घी एकत्र हुआ। कई विदेशी भक्तों ने भी इसके लिए पुरोहितों के जरिए घी भेजा। मकर संक्रांति पर विधि-विधान और वेदमंत्रों के साथ भगवान शिव को घृत कमल से आच्छादित किया गया और वह साधना में लीन हो गए। बड़ी संख्या में भक्तजन इस अनूठी परंपरा के साक्षी बने।
एक माह बाद देंगे भगवान जागनाथ दर्शन
अल्मोड़ा। परंपरा के अनुसार भगवान जागनाथ को एक माह बाद घृत कमल से बाहर निकाला जाएगा। ऐसे में एक माह की साधना पूरी कर फाल्गुन की संक्रांति को भगवान शिव अपने भक्तों को दर्शन देंगे। घृत कमल का प्रसाद लोगों को बांटा जाएगा।
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मकर संक्रांति पर्व पर भगवान शिव एक माह के लिए घी की गुफा में साधना में लीन हो जाते हैं। बीते वर्ष बाबा जागनाथ के लिए 108 किलो घी से घृत कमल तैयार किया गया। इस बार पुराने रिकार्ड टूटे हैं और काफी मात्रा में घी एकत्र हुआ है। जागेश्वर धाम के पुजारी प्रतिनिधि पंडित नवीन चंद्र भट्ट ने बताया कि इस बार घृत कमल तैयार करने के लिए 225 किलो घी एकत्र हुआ। कई विदेशी भक्तों ने भी इसके लिए पुरोहितों के जरिए घी भेजा। मकर संक्रांति पर विधि-विधान और वेदमंत्रों के साथ भगवान शिव को घृत कमल से आच्छादित किया गया और वह साधना में लीन हो गए। बड़ी संख्या में भक्तजन इस अनूठी परंपरा के साक्षी बने।
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एक माह बाद देंगे भगवान जागनाथ दर्शन
अल्मोड़ा। परंपरा के अनुसार भगवान जागनाथ को एक माह बाद घृत कमल से बाहर निकाला जाएगा। ऐसे में एक माह की साधना पूरी कर फाल्गुन की संक्रांति को भगवान शिव अपने भक्तों को दर्शन देंगे। घृत कमल का प्रसाद लोगों को बांटा जाएगा।
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