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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Flash floods devastation resembled Naulakot

बादल फटने से नौलाकोट में मची तबाही

Wed, 15 Apr 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ द्वाराहाट (अल्मोड़ा)
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ द्वाराहाट (अल्मोड़ा) Updated Wed, 15 Apr 2015 11:32 PM IST
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 ब्लाक के बिंता नौलाकोट में दोपहर भारी बारिश ने तबाही मचा दी। सरपटिया लमढुंगा गधेरा उफान पर आ गया, दो परिवारों की 13 बकरियां गधेरे में बह गई। ग्रामीणों के गेहूं के खेत रौखड़ में तब्दील हो गए। गांव के लिए बनी एकल पेयजल योजना का चैंबर समेत 25 पाइप गधेरे में बह गए। कई दुकानों में मलबा घुसने से भारी क्षति का अनुमान है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि ऊपरी क्षेत्र में बादल फटा होगा, जिससे गधेरा उफाना गया और यहां तबाही मचा दी।

बुधवार को द्वाराहाट क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। ब्लाक के बिंता नौलाकोट में सरपटिया लढुंगा गधेरा उफान पर आ गया। गांव निवासी जसवंत सिंह की सात, नरीराम की छह बकरियां गधेरे में बह गईं। एक नौला और उसकी रिटर्निंग दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। देवेंद्र सिंह, केशर सिंह की दुकानों में मलबा घुसने से 30 हजार रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।

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भारी बारिश के कारण गांव के भूपाल सिंह के मकान की आंगन की दीवार ढह गई, पूरन सिंह, मोहन सिंह, भूपाल सिंह के गेहूं के खेत रौखड़ में तब्दील हो गए। सालभर की मेहनत पलभर में बरबाद होने से किसान मायूस हैं। सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर इस क्षेत्र में अब कुछ नहीं बचा है। लमढुंगा गधेरे से गांव के लिए बनी एक पेयजल योजना का नामो निशान नहीं है। गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप है।
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ग्राम प्रधान कमला बोरा ने शासन, प्रशासन से प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है। सूचना मिलते ही द्वाराहाट से विधायक और संसदीय सचिव मदन बिष्ट भी नौलाकोट पहुंच गए। यहां उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात कर उनका दर्द बांटा। कहा कि नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए वह सरकार से मदद मांगेंगे और प्रभावितों को भी सहयोग करेंगे।


बुधवार अपराह्न तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कपकोट ब्लाक के सुदूरवर्ती लीती गांव के रोजीधार तोक में बिजली गिरने से बकरीपालक मान सिंह झुलस गया, उसकी 20 बकरियों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य बकरियां झुलस गईं। ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश, पूर्व बीडीसी सदस्य नरेंद्र कोरंगा, शामा के सब्जी उत्पादक राजेंद्र कोरंगा ने शासन, प्रशासन से प्रभावित बकरीपालक को अधिक मुआवजा देने की मांग की है।

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