{"_id":"5f3031fd8ebc3e3ca30dfac4","slug":"corona-test-in-almora-almora-news-hld3928252131","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीपीसीआर मशीन के चालू होने में अभी अभी एक माह का वक्त लगने की संभावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीपीसीआर मशीन के चालू होने में अभी अभी एक माह का वक्त लगने की संभावना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। कोरोना की जांच के लिए बेस अस्पताल में अधिक क्षमता वाली वास्तविक समय रिवर्स प्रतिलेखन पॉलीमरेज श्रृंखला प्रतिक्रिया (आरटीपीसीआर) मशीन के चालू होने में माहभर का समय लगने की उम्मीद है। इन दिनों हिंदुस्तान लेटेक्स कंपनी की ओर से मशीन लगाने के लिए लैब बनाने का काम चल रहा है। यह काम इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा उसके बाद ही वहां मशीन फिट की जा सकेगी।
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. वाईके पंत ने पिछले माह बेस अस्पताल का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने कोरोना मरीजों की जांच के लिए कुछ माह पहले अजीम प्रेम जी फाउंडेशन से अस्पताल को मिली आरटीपीसीआर मशीन जल्द चालू करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इस अधिक क्षमता वाली मशीन शुुरू करने के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से दूसरी जरूरी मशीन मंगाने को कहा था। उनके निर्देशों के बाद तीन दिन के भीतर ही दूसरी मशीन श्रीनगर से अल्मोड़ा पहुंच भी गई लेकिन लैब तैयार नहीं थी। इधर पिछले दिनों लैब तैयार करने का काम हिंदुस्तान लेटेक्स लि. को दिया गया है। करीब दस दिन से लैब में सिविल वर्क चल रहा है। वहां मजदूर काम में जुटे हैं। बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचसी गढ़कोटी ने बताया कि लैब तैयार होने में करीब एक माह का समय लगने की संभावना है। उसके बाद लैब में आरटीपीसीआर मशीन फिट करके जांच शुरू कर दी जाएगी। इन दिनों बेस अस्पताल में टू-नेट मशीन से कोरोना सैंपलों की जांच की जाती है। इसमें एक घंटे में सिर्फ दो सैंपलों की ही जांच होती है।
विज्ञापन
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. वाईके पंत ने पिछले माह बेस अस्पताल का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने कोरोना मरीजों की जांच के लिए कुछ माह पहले अजीम प्रेम जी फाउंडेशन से अस्पताल को मिली आरटीपीसीआर मशीन जल्द चालू करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इस अधिक क्षमता वाली मशीन शुुरू करने के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से दूसरी जरूरी मशीन मंगाने को कहा था। उनके निर्देशों के बाद तीन दिन के भीतर ही दूसरी मशीन श्रीनगर से अल्मोड़ा पहुंच भी गई लेकिन लैब तैयार नहीं थी। इधर पिछले दिनों लैब तैयार करने का काम हिंदुस्तान लेटेक्स लि. को दिया गया है। करीब दस दिन से लैब में सिविल वर्क चल रहा है। वहां मजदूर काम में जुटे हैं। बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचसी गढ़कोटी ने बताया कि लैब तैयार होने में करीब एक माह का समय लगने की संभावना है। उसके बाद लैब में आरटीपीसीआर मशीन फिट करके जांच शुरू कर दी जाएगी। इन दिनों बेस अस्पताल में टू-नेट मशीन से कोरोना सैंपलों की जांच की जाती है। इसमें एक घंटे में सिर्फ दो सैंपलों की ही जांच होती है।
विज्ञापन