पानी के लिए ताड़ीखेत वासियों का क्रमिक अनशन शुरू
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पेयजल समस्या का निराकरण नहीं होने से गुस्साए ताड़ीखेत के लोगों ने विकास संघर्ष समिति के बैनर तले क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। जनमिलन केंद्र पर आयोजित अनशन को समर्थन देने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ब्लॉक मुख्यालय होने के बावजूद लोग लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे हैं, जबकि इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन के दरवाजे खटखटा दिए गए हैं। मौके पर पहुंचे जल संस्थान के अधिकारियों की भी आंदोलनकारियों ने एक नहीं सुनी, कहा कि समस्या का निराकरण होने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा।
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत ताड़ीखेत जनमिलन केंद्र में सुबह से ही लोग जुटने शुरू हो गए थे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पानी की समस्या से वह लोग जूझ रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। मुख्य टैंक तक क्षतिग्रस्त है। वितरण प्रणाली ठीक नहीं होने के कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। लोग पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि ताड़ीखेत कस्बे में दो-दो पेयजल योजनाएं हैं इसके बावजूद आपूर्ति नहीं हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों योजनाओं में कई खामियां हैं। पूर्व में एसडीएम सहित तमाम लोगों को पत्र व्यवहार किए गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पहले दिन क्रमिक अनशन में गोपाल सिंह अधिकारी, खुशाल सिंह रावत, श्याम सिंह रावत, मदन सिंह बिष्ट आदि बैठे। ऐरारी के प्रधान बिजय बिष्ट, तौड़ा की प्रधान प्रेमा आर्या, पूर्व प्रधान चंदन बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता श्याम सिंह कुंवर, ललित मोहन सिंह रावत ने अनशनकारियों का माल्यार्पण किया। बाद में वहां जल संस्थान के सहायक अभियंता सीएस देवड़ी, कनिष्ट अभियंता मनोज कुमार पांडे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से वितरण प्रणाली में बदलाव करने की बात कही, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। इस दौरान चंदन सिंह नेगी, सोहन सिंह खत्री, प्रकाश सिंह नेगी, बीरबल नेगी, दीपक जोशी, मनोज पांडे, ज्ञान सिंह खाती सहित तमाम लोग मौजूद थे।
फोटो: 05 आरकेटी 05पी: ताड़ीखेत में पानी के लिए क्रमिक अनशन पर बैठे लोग।