{"_id":"6a7a13a0b9d67fa75203b6d2","slug":"conspiracy-to-enslave-workers-will-not-be-tolerated-citu-protests-at-gandhi-park-almora-news-c-232-1-shld1002-147208-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश बर्दाश्त नहीं, गांधी पार्क में सीटू का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश बर्दाश्त नहीं, गांधी पार्क में सीटू का प्रदर्शन
Mon, 10 Aug 2026 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:38 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। संयुक्त ट्रेड यूनियन के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार को अल्मोड़ा का गांधी पार्क मजदूरों और श्रमिकों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि व्यापार सुगमता के नाम पर लाए गए चार नए श्रम कानून मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की एक सोची-समझी साजिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि चार श्रम संहिताओं को व्यापार सुगमता के नाम पर पूंजीपतियों के पक्ष में बनाकर मजदूरों को गुलाम बनाया जा रहा है। संगठन और यूनियन बनाने, हड़ताल करने के अधिकार को भी कमजोर किया जा रहा है। स्थायी रोजगार की जगह लाई गई ठेकेदारी, अंशकालिक और आउटसोर्स, निश्चित अवधि रोजगार भी मजदूरों को यूनियनों से दूर करने की साजिश है। उन्होंने श्रम विरोधी चारों श्रम संहिताओं को समाप्त करने की मांग की। कहा कि न्यूनतम वेतन 26,000 प्रतिमाह लागू किया जाए। सभी श्रमिकों को स्थायी रोजगार दिया जाए। ठेका प्रथा समाप्त की जाए। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, महंगाई पर लगाम लगाने, श्रमिकों के अधिकारों की गारंटी देने की मांग की। इस मौके पर ममता भट्ट, भगवती आर्या, पार्वती देवी, उमा देवी, प्रेमा जड़ौत, हेमा देवी, सरोज देवी, हेमा अधिकारी, आरपी जोशी, अशोक पंत, उपेंद्र अग्निहोत्री, प्रमोद तिवारी, योगेश टम्टा आदि बैठे।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि चार श्रम संहिताओं को व्यापार सुगमता के नाम पर पूंजीपतियों के पक्ष में बनाकर मजदूरों को गुलाम बनाया जा रहा है। संगठन और यूनियन बनाने, हड़ताल करने के अधिकार को भी कमजोर किया जा रहा है। स्थायी रोजगार की जगह लाई गई ठेकेदारी, अंशकालिक और आउटसोर्स, निश्चित अवधि रोजगार भी मजदूरों को यूनियनों से दूर करने की साजिश है। उन्होंने श्रम विरोधी चारों श्रम संहिताओं को समाप्त करने की मांग की। कहा कि न्यूनतम वेतन 26,000 प्रतिमाह लागू किया जाए। सभी श्रमिकों को स्थायी रोजगार दिया जाए। ठेका प्रथा समाप्त की जाए। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, महंगाई पर लगाम लगाने, श्रमिकों के अधिकारों की गारंटी देने की मांग की। इस मौके पर ममता भट्ट, भगवती आर्या, पार्वती देवी, उमा देवी, प्रेमा जड़ौत, हेमा देवी, सरोज देवी, हेमा अधिकारी, आरपी जोशी, अशोक पंत, उपेंद्र अग्निहोत्री, प्रमोद तिवारी, योगेश टम्टा आदि बैठे।
विज्ञापन