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कुजगढ़ के जलागम क्षेत्र को नौ रिचार्ज जोनों में बांटा
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अल्मोड़ा विकास भवन में कुजगढ़ नदी पुनर्जनन अभियान की समीक्षा बैठक लेते डीएम नितिन सिंह भदौरिया।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने विकासभवन में अधिकारियों की बैठक लेकर कोसी पुनर्जनन अभियान के तहत कुजगढ़ नदी को पुनर्जीवित किए जाने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया की कुजगढ़ के जलागम क्षेत्र को नौ रिचार्ज जोनों में बांटकर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर पुनर्जनन अभियान की शुरूआत कर दी गई है। एसडीएम से कहा कि एनआरडीएमएस के प्रो. जेएस रावत के मार्गदर्शन में तैनात नोडल अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को इसी माह प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के दिनजिले में 2.32 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है। डीडीओ को निर्देश दिए कि समय-समय पर रोपे गए पौधों की देखभाल के लिए निगरानी करें। खंड विकास अधिकारियों से दैनिक प्रगति प्राप्त की जाए। डीएम ने कहा कि जलागम क्षेत्र में बनाए जाने वाले चाल, खाल, खंतिया, ट्रैंच होल आदि की जियो टैगिंग की जानी है। संबंधित नोडल अधिकारी किए गए कार्यों के के आंकड़े जीआईएस सेल को उपलब्ध करा दें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, डीएफओ केएस रावत, एनआरडीएमएस प्रो. जेएस रावत, जिला विकास अधिकारी केके पंत, जीबी पंत संस्थान की वैज्ञानिक डा. वसुधा अग्निहोत्री, बीडीओ हवालबाग पंकज कांडपाल, ताकुला किशन राम, ताड़ीखेत के आनंद राम, वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, जीआईएस एनालिस्ट नेहा, कोसी समन्वयक शिवेंद्र प्रताप आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर पुनर्जनन अभियान की शुरूआत कर दी गई है। एसडीएम से कहा कि एनआरडीएमएस के प्रो. जेएस रावत के मार्गदर्शन में तैनात नोडल अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को इसी माह प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के दिनजिले में 2.32 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है। डीडीओ को निर्देश दिए कि समय-समय पर रोपे गए पौधों की देखभाल के लिए निगरानी करें। खंड विकास अधिकारियों से दैनिक प्रगति प्राप्त की जाए। डीएम ने कहा कि जलागम क्षेत्र में बनाए जाने वाले चाल, खाल, खंतिया, ट्रैंच होल आदि की जियो टैगिंग की जानी है। संबंधित नोडल अधिकारी किए गए कार्यों के के आंकड़े जीआईएस सेल को उपलब्ध करा दें।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, डीएफओ केएस रावत, एनआरडीएमएस प्रो. जेएस रावत, जिला विकास अधिकारी केके पंत, जीबी पंत संस्थान की वैज्ञानिक डा. वसुधा अग्निहोत्री, बीडीओ हवालबाग पंकज कांडपाल, ताकुला किशन राम, ताड़ीखेत के आनंद राम, वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, जीआईएस एनालिस्ट नेहा, कोसी समन्वयक शिवेंद्र प्रताप आदि रहे।
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