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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूंका प्रदेश भाजपा सरकार का पुतला
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चौघानपाटा अल्मोड़ा में भाजपा सरकार का पुतला फूंकते कांग्रेसी।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। यौन शोषण के आरोपी द्वाराहाट के भाजपा विधायक महेश नेगी के खिलाफ अब तक को ठोस कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए कांग्रेसजनों ने मंगलवार को चौघानपाटा में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आरोपी विधायक को बचाने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपी विधायक का न तो डीएनए टेस्ट कराया गया है और न ही उनकी गिरफ्तारी हो पाई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करके आरोपी विधायक को बचाने का प्रयास कर रही है। सरकार इस मामले को दबाने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो विधायक के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत मिलने के बाद अविलंब डीएनए टेस्ट कराती। पीड़ित महिला की मांग के बावजूद विधायक का डीएएनए टेस्ट नहीं कराया जा रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि सरकार दोषी द्वाराहाट के विधायक के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस सड़कों पर उतरने को बाध्य होगी। वहां नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लता तिवारी, राजेंद्र बोरा, राबिन भंडारी, शेखर पांडे, हर्ष कनवाल, दीपा साह, शरद साह, संजय दुर्गापाल, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, अमर बिष्ट, फाकिर खान, मुकेश नेगी आदि मौजूद थे।
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हाथों में काला फीता बांध नर्सें जता रहीं विरोध
अल्मोड़ा। जिले में नर्सेज संवर्ग का सांकेतिक प्रदर्शन लगातार जारी है। मंगलवार को भी नर्सों ने हाथों में काला फीता बांध सांकेतिक विरोध जताया। विभिन्न मांगों को लेकर नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले नर्सिंग संवर्ग कई दिनों से हाथों में काला फीता बांध सांकेतिक प्रदर्शन कर रहीं हैं। मंगलवार को भी नर्सों का सांकेतिक प्रदर्शन जारी रहा। नर्सों ने कहा कि वह इन दिनों में विरोध कर रही है लेकिन उनपर अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि अब वह 30 सितंबर तक लगातार विरोध जताएंगी। मांग पूरी नहीं होने पर वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। संवाद
पांचवेें दिन भी स्वजल कर्मियों का कार्य बहिष्कार
अल्मोड़ा। छह माह के लंबित वेतन और देयकों के भुगतान की मांग को लेकर स्वजल विभाग के कर्मचारी पांचवें दिन भी बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार पर रहे। आंदोलित कर्मचारियों ने मंगलवार को भी विकास भवन स्थित कार्यालय प्रांगण में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ऐलान किया कि वेतन भुगतान होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले छह माह से वेतन नहीं मिलने से स्वजल कार्मिकों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारी कार्य बहिष्कार जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों की तरह ही स्वजल विभाग के कार्मिकों को सरकार वेतन भुगतान के लिए बजट आवंटित करे। इसके अलावा कर्मचारियों के अन्य देयकों का भुगतान भी लंबित चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के साथ दोहरा बरताव कर रही है। अन्य विभागों में कार्मिकोें को वेतन दिया जा रहा है लेकिन स्वजल विभाग के कर्मचारियों को वेतन समय से नहीं दिया जा रहा है। मांग पूरी होने पर ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। कार्य बहिष्कार से स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन के कार्यों पर असर पड़ रहा है। बहिष्कार और प्रदर्शन में संजय ओझा, मनीष दुम्का, अमिताभ राना, पंकज बनकोटी, किशन नेगी, धर्मपाल कार्की, आनंद खोलिया ने भाग लिया।
पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में उतरे ब्लाक प्रमुख हीरा रावत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। केंद्र और राज्य के शासकीय अधिकारी, कार्मिकों और शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिए जाने की मांग मुखर होने लगी है। ब्लाक प्रमुख हीरा रावत ने यहां प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उनका कहना है कि नई पेंशन योजना पूर्ण रूप से शेयर बाजार जोखिम आधारित है। अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय इस योजना के माध्यम से बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके चलते कार्मिक अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र स्तर पर इस मसले को बड़ा आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन उत्तराखंड की मांग का वह समर्थन करते हैं, और सरकार के स्तर पर इस मांग को पूरी करने की अपील की गई है। संवाद
दो अक्तूबर को काला दिवस मनाएंगे राज्य आंदोलनकारी
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने दो अक्तूबर को यहां त्रिमूर्ति चौक पर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर गांधी जयंती को काला दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है। एसडीएम से इसकी अनुमति मांगते हुए सुरक्षित दूरी, मास्क पहन कर कोरोना गाइडलाइन के पालन की बात कही है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी क्षेत्रों के चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों से अपने क्षेत्र में इस दिवस को काला दिवस मनाते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। समिति के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बजेठा, जिलाध्यक्ष मनोज अधिकारी ने बताया कि राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से तमाम मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन मांगें पूरी नहीं हो सकी हैं। संवाद
कार्य बहिष्कार कर पालिका प्रांगण में दिया धरना
अल्मोड़ा। हाथरस में वाल्मीकि समाज की युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर पालिका के स्वच्छक कर्मियों ने दोपहर बाद कार्य बहिष्कार कर कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। उन्होंने कहा कि युवती की दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार को मौत हो गई है। उन्होंने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वच्छक कर्मियों ने पालिका कार्यालय प्रांगण में शोकसभा आयोजित कर मृतका को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शाखा अध्यक्ष सुरेश केशरी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड में दलित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहां देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार, जिला अध्यक्ष दीपक चंदेल, उपाध्यक्ष सतीश कुमार, महासचिव राजेश टांक, कोषाध्यक्ष राजेंद्र पवार, जिला महामंत्री दीपक शैलानी, मुकेश पवार, शक्ति टांक, दर्शन चंदेल, राहुल पवार आदि थे।
नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना जारी
अल्मोड़ा। नियमित नियुक्ति और अवशेष वेतन को लेकर जिला प्रोवेशन कार्यालय अल्मोड़ा के संविदा अनुसेवक प्रेम राम का चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में चल रहा धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2017 से अब तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से संविदा में सेवा देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने, नियमितीकरण नहीं होने से वह तनाव में हैं। आर्थिक तंगी के कारण वृद्ध माता के लिए दवा आदि नहीं खरीद पा रहे हैं। उन्होंने मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि राजकीय महिला संरक्षण गृह अल्मोड़ा में लगातार ड्यूटी की लेकिन अधिकारियों की मिली भगत से उन्हें गैरहाजिर दिखाया गया। उन्होंने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। संवाद
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपी विधायक का न तो डीएनए टेस्ट कराया गया है और न ही उनकी गिरफ्तारी हो पाई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करके आरोपी विधायक को बचाने का प्रयास कर रही है। सरकार इस मामले को दबाने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो विधायक के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत मिलने के बाद अविलंब डीएनए टेस्ट कराती। पीड़ित महिला की मांग के बावजूद विधायक का डीएएनए टेस्ट नहीं कराया जा रहा है।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि सरकार दोषी द्वाराहाट के विधायक के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस सड़कों पर उतरने को बाध्य होगी। वहां नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लता तिवारी, राजेंद्र बोरा, राबिन भंडारी, शेखर पांडे, हर्ष कनवाल, दीपा साह, शरद साह, संजय दुर्गापाल, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, अमर बिष्ट, फाकिर खान, मुकेश नेगी आदि मौजूद थे।
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हाथों में काला फीता बांध नर्सें जता रहीं विरोध
अल्मोड़ा। जिले में नर्सेज संवर्ग का सांकेतिक प्रदर्शन लगातार जारी है। मंगलवार को भी नर्सों ने हाथों में काला फीता बांध सांकेतिक विरोध जताया। विभिन्न मांगों को लेकर नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले नर्सिंग संवर्ग कई दिनों से हाथों में काला फीता बांध सांकेतिक प्रदर्शन कर रहीं हैं। मंगलवार को भी नर्सों का सांकेतिक प्रदर्शन जारी रहा। नर्सों ने कहा कि वह इन दिनों में विरोध कर रही है लेकिन उनपर अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि अब वह 30 सितंबर तक लगातार विरोध जताएंगी। मांग पूरी नहीं होने पर वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। संवाद
पांचवेें दिन भी स्वजल कर्मियों का कार्य बहिष्कार
अल्मोड़ा। छह माह के लंबित वेतन और देयकों के भुगतान की मांग को लेकर स्वजल विभाग के कर्मचारी पांचवें दिन भी बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार पर रहे। आंदोलित कर्मचारियों ने मंगलवार को भी विकास भवन स्थित कार्यालय प्रांगण में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ऐलान किया कि वेतन भुगतान होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले छह माह से वेतन नहीं मिलने से स्वजल कार्मिकों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारी कार्य बहिष्कार जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों की तरह ही स्वजल विभाग के कार्मिकों को सरकार वेतन भुगतान के लिए बजट आवंटित करे। इसके अलावा कर्मचारियों के अन्य देयकों का भुगतान भी लंबित चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के साथ दोहरा बरताव कर रही है। अन्य विभागों में कार्मिकोें को वेतन दिया जा रहा है लेकिन स्वजल विभाग के कर्मचारियों को वेतन समय से नहीं दिया जा रहा है। मांग पूरी होने पर ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। कार्य बहिष्कार से स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन के कार्यों पर असर पड़ रहा है। बहिष्कार और प्रदर्शन में संजय ओझा, मनीष दुम्का, अमिताभ राना, पंकज बनकोटी, किशन नेगी, धर्मपाल कार्की, आनंद खोलिया ने भाग लिया।
पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में उतरे ब्लाक प्रमुख हीरा रावत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। केंद्र और राज्य के शासकीय अधिकारी, कार्मिकों और शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिए जाने की मांग मुखर होने लगी है। ब्लाक प्रमुख हीरा रावत ने यहां प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उनका कहना है कि नई पेंशन योजना पूर्ण रूप से शेयर बाजार जोखिम आधारित है। अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय इस योजना के माध्यम से बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके चलते कार्मिक अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र स्तर पर इस मसले को बड़ा आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन उत्तराखंड की मांग का वह समर्थन करते हैं, और सरकार के स्तर पर इस मांग को पूरी करने की अपील की गई है। संवाद
दो अक्तूबर को काला दिवस मनाएंगे राज्य आंदोलनकारी
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने दो अक्तूबर को यहां त्रिमूर्ति चौक पर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर गांधी जयंती को काला दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है। एसडीएम से इसकी अनुमति मांगते हुए सुरक्षित दूरी, मास्क पहन कर कोरोना गाइडलाइन के पालन की बात कही है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी क्षेत्रों के चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों से अपने क्षेत्र में इस दिवस को काला दिवस मनाते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। समिति के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बजेठा, जिलाध्यक्ष मनोज अधिकारी ने बताया कि राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से तमाम मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन मांगें पूरी नहीं हो सकी हैं। संवाद
कार्य बहिष्कार कर पालिका प्रांगण में दिया धरना
अल्मोड़ा। हाथरस में वाल्मीकि समाज की युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर पालिका के स्वच्छक कर्मियों ने दोपहर बाद कार्य बहिष्कार कर कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। उन्होंने कहा कि युवती की दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार को मौत हो गई है। उन्होंने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वच्छक कर्मियों ने पालिका कार्यालय प्रांगण में शोकसभा आयोजित कर मृतका को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शाखा अध्यक्ष सुरेश केशरी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड में दलित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहां देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार, जिला अध्यक्ष दीपक चंदेल, उपाध्यक्ष सतीश कुमार, महासचिव राजेश टांक, कोषाध्यक्ष राजेंद्र पवार, जिला महामंत्री दीपक शैलानी, मुकेश पवार, शक्ति टांक, दर्शन चंदेल, राहुल पवार आदि थे।
नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना जारी
अल्मोड़ा। नियमित नियुक्ति और अवशेष वेतन को लेकर जिला प्रोवेशन कार्यालय अल्मोड़ा के संविदा अनुसेवक प्रेम राम का चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में चल रहा धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2017 से अब तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से संविदा में सेवा देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने, नियमितीकरण नहीं होने से वह तनाव में हैं। आर्थिक तंगी के कारण वृद्ध माता के लिए दवा आदि नहीं खरीद पा रहे हैं। उन्होंने मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि राजकीय महिला संरक्षण गृह अल्मोड़ा में लगातार ड्यूटी की लेकिन अधिकारियों की मिली भगत से उन्हें गैरहाजिर दिखाया गया। उन्होंने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। संवाद