{"_id":"5a3e94124f1c1bce6d8b5afc","slug":"can-not-connect-with-the-mainstream-of-development-ganiyadoly-town","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ सका है गनियाद्योली कस्बा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ सका है गनियाद्योली कस्बा
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:06 PM IST
विज्ञापन
गनियाद्योली कस्बा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गनियाद्योली कस्बे को भी विकास की दरकार है। यह इलाका हल्द्वानी, रामनगर तथा रानीखेत को जोड़ने वाले मुख्य मोटर मार्ग पर बसा हुआ है, लेकिन यहां सार्वजनिक शौचालय तक नहीं बन सका है, जिससे खास तौर पर महिला यात्रियों को खासी दिक्कतें होती हैं। कस्बे में पीने के पानी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। मुख्य सड़क की हालत खराब होने से आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग से यहां नियमित सफाई की व्यवस्था की है।
विज्ञापन
गनियाद्योली कस्बा विशुवा ग्राम सभा और छावनी परिषद का हिस्सा है। इसी कस्बे से होकर वाहन हल्द्वानी और रामनगर को गुजरते हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालय का अभाव अभी भी यात्रियों को सालता रहता है। पूर्व में छावनी परिषद ने यहां एक शौचालय बनाया था, लेकिन वह भी क्षतिग्रस्त हो चुका है, सफाई का अभाव है। यहां एसएसबी का सीमांत मुख्यालय भी है। मुख्य मार्ग की हालत खराब है, निकास नालियां नहीं होने से बरसात का पानी दुकानों के अंदर घुस जाता है। मार्ग का डामर उखड़ने के कारण यहां कई बार दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं। खेल मैदान नहीं होने के कारण युवाओं को अन्यत्र जाना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कस्बे में पानी के खुलने और बंद होने का समय निर्धारित नहीं है। एक योजना स्रोत से भी बनी है, जो अक्सर खराब रहती है। जिस कारण लोगों को पीने के पानी के लिए खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालयों का अभाव होने के कारण स्थानीय बच्चों को तीन किमी की दूरी तय कर रानीखेत जाना पड़ता है।
विज्ञापन