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बस चालक अब वर्दी में चला रहे हैं वाहन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 10 Oct 2018 11:51 PM IST
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अल्मोड़ा में वर्दी में एक केमू बस को चलाता चालक।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में अब बस चालक और परिचालक उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशानुसार वर्दी में दिखाई दे रहे हैं। अधिकांश छोटे यात्री वाहन (टैक्सी-मैक्स) चालक भी नियमों को मान रहे रहे हैं लेकिन अभी सभी वाहन चालकों ने वर्दी पहनना शुरू नहीं किया है। संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार नियमों का पालन करने में जिले में 40 से 50 प्रतिशत तक सफलता मिल गई है। जल्द ही बचे हुए वाहन चालक भी वर्दी पहनना शुरू कर देंगे।
इस वर्ष चार जुलाई को उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किया था। जिसमें सभी यात्री वाहनों के चालकों और परिचालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया था। जिसमें बस, मिनी बस और स्कूल बस चालकों के लिए खाकी वर्दी, परिचालकों के लिए ग्रे रंग की वर्दी और छोटे यात्री वाहनों के चालकों के लिए नीले रंग की वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया था। जिसके बाद जिले के 50 फीसदी यात्री बस और स्कूल बस चालक, परिचालक वर्दी में वाहन चलाने लगे हैं। बड़ी बसों की संख्या जिले में लगभग दो सौ के करीब है। वहीं चार हजार के लगभग छोटे यात्री वाहन टैक्सियां शामिल हैं। इधर बीते दिनों श्राद्ध पक्ष होने के कारण अधिकतर वाहन स्वामी नई वर्दी नहीं खरीद पाए। जिससे अभी सभी छोटे वाहन चालकों ने वर्दी धारण नहीं की है। परिवहन विभाग ने बचे हुए छोटे यात्री वाहन चालकों से जल्द से जल्द वर्दी पहनने को कहा है।
इधर एआरटीओ आलोक जोशी ने बताया कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराया जा रहा है। छोटे वाहनों के कुछ चालक जिन्होंने वर्दी पहनना नहीं शुरू किया है, उन्हें चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार मोटरयान अधिनियम के तहत संबंधित चालक के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
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इस वर्ष चार जुलाई को उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किया था। जिसमें सभी यात्री वाहनों के चालकों और परिचालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया था। जिसमें बस, मिनी बस और स्कूल बस चालकों के लिए खाकी वर्दी, परिचालकों के लिए ग्रे रंग की वर्दी और छोटे यात्री वाहनों के चालकों के लिए नीले रंग की वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया था। जिसके बाद जिले के 50 फीसदी यात्री बस और स्कूल बस चालक, परिचालक वर्दी में वाहन चलाने लगे हैं। बड़ी बसों की संख्या जिले में लगभग दो सौ के करीब है। वहीं चार हजार के लगभग छोटे यात्री वाहन टैक्सियां शामिल हैं। इधर बीते दिनों श्राद्ध पक्ष होने के कारण अधिकतर वाहन स्वामी नई वर्दी नहीं खरीद पाए। जिससे अभी सभी छोटे वाहन चालकों ने वर्दी धारण नहीं की है। परिवहन विभाग ने बचे हुए छोटे यात्री वाहन चालकों से जल्द से जल्द वर्दी पहनने को कहा है।
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इधर एआरटीओ आलोक जोशी ने बताया कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराया जा रहा है। छोटे वाहनों के कुछ चालक जिन्होंने वर्दी पहनना नहीं शुरू किया है, उन्हें चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार मोटरयान अधिनियम के तहत संबंधित चालक के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
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