{"_id":"64c013aea2f3020f740beafd","slug":"budget-and-people-should-get-relief-in-disaster-dr-rawat-almora-news-c-232-1-alm1001-1033-2023-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट की कमी नहीं, आपदा में लोगों को मिलनी चाहिए राहत : डॉ. रावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट की कमी नहीं, आपदा में लोगों को मिलनी चाहिए राहत : डॉ. रावत
Tue, 25 Jul 2023 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:55 PM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में आपदा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। आपदाकाल में लोगों को राहत देने के लिए सरकार के पास बजट की कमी नहीं है, लेकिन प्रभावितों को हर हाल में राहत मिलनी चाहिए, यह बात कही कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने। उन्होंने कहा कि आपदाकाल में बंद सड़कों के चलते लोगों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ती है। ऐसे में इन्हें जल्द खोला जाना चाहिए। कहा कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार गंभीर है।
मंगलवार को अल्मोड़ा पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत ने कलक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीएम विनीत तोमर, एसएसपी रामचंद्र राजगुरु, एडीएम सीएस मर्तोलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद हुई बैठक में उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जिला आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में सभी विभागों को गंभीरता से काम करते हुए लोगों को राहत पहुंचानी होगी।
उन्होंने कहा कि जिले में आपदा प्रबंधन के लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बजट की कोई कमी नहीं है। आपदा प्रभावितों को जल्द मुआवजा देना होगा। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सड़क निर्माण की कार्यदायी संस्थाओं को बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
वहीं जर्जर स्कूलों के सुधारीकरण, पेयजल, बिजली आपूर्ति निर्बाध बहाल रखने को कहा। कोसी पंपिंग योजना से दूषित पानी की आपूर्ति होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि लोगों को शुद्ध पानी मिलना चाहिए। कोसी बैराज में जो गंदगी जमा है, उसे साफ करना होगा। इसके लिए पुलिस के सहयोग से नाव और नाविकों की व्यवस्था कर गंदगी को साफ करने के निर्देश दिए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने पॉवर प्रोजेक्टर के माध्यम से आपदा से निपटने की तैयारी की जानकारी दी। इस मौके पर डीसीबी चेयरमैन ललित लटवाल, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सल्ट में आपदा से 37 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त
अल्मोड़ा। बैठक में जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि सल्ट क्षेत्र में आपदा से सबसे अधिक पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचा है। यहां आपदा से 37 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। हालांकि अस्थायी तौर पर इन योजनाओं का सुधारीकरण कर पेयजल आपूर्ति बहाल की गई है।
यूपीसीएल के पास ट्रांसफार्मर नहीं
अल्मोड़ा। प्रभारी मंत्री की बैठक में यूपीसीएल के खोखले दावों की पोल खुली है। प्रभारी मंत्री डॉ. रावत ने यूपीसीएल से आपदाकाल में बिजली आपूर्ति की जानकारी ली। इस पर ईई कन्हैया जी मिश्रा ने बताया कि जिले में वर्तमान में एक भी ट्रांसफार्मर मौजूद नहीं है। ऐसे में साफ है कि यदि आपदाकाल में कोई भी ट्रांसफार्मर जवाब देता है तो संबंधित क्षेत्र के लोगों को बिजली नहीं मिलेगी और यूपीसीएल के पास बदलने के लिए नया ट्रांसफार्मर नहीं होगा। बावजूद इसके आपदाकाल में लोगों को राहत देने के दावे खूब हो रहे हैं।
जर्जर 23 विद्यालयों के बच्चों को अन्य विद्यालयों में किया शिफ्ट
अल्मोड़ा। प्रभारी मंत्री की बैठक में सीईओ हेमलता भट्ट ने बताया कि जिले में 23 विद्यालय बैठने लायक नहीं है। इन क्षतिग्रस्त विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाना खतरनाक है। ऐसे में इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को अन्य विद्यालयों में शिफ्ट किया गया है। बैठक में उठा यह मामला शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी के दावों को खोखला साबित करने के लिए काफी है।
विज्ञापन
मंगलवार को अल्मोड़ा पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत ने कलक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीएम विनीत तोमर, एसएसपी रामचंद्र राजगुरु, एडीएम सीएस मर्तोलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद हुई बैठक में उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जिला आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में सभी विभागों को गंभीरता से काम करते हुए लोगों को राहत पहुंचानी होगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिले में आपदा प्रबंधन के लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बजट की कोई कमी नहीं है। आपदा प्रभावितों को जल्द मुआवजा देना होगा। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सड़क निर्माण की कार्यदायी संस्थाओं को बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
वहीं जर्जर स्कूलों के सुधारीकरण, पेयजल, बिजली आपूर्ति निर्बाध बहाल रखने को कहा। कोसी पंपिंग योजना से दूषित पानी की आपूर्ति होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि लोगों को शुद्ध पानी मिलना चाहिए। कोसी बैराज में जो गंदगी जमा है, उसे साफ करना होगा। इसके लिए पुलिस के सहयोग से नाव और नाविकों की व्यवस्था कर गंदगी को साफ करने के निर्देश दिए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने पॉवर प्रोजेक्टर के माध्यम से आपदा से निपटने की तैयारी की जानकारी दी। इस मौके पर डीसीबी चेयरमैन ललित लटवाल, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सल्ट में आपदा से 37 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त
अल्मोड़ा। बैठक में जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि सल्ट क्षेत्र में आपदा से सबसे अधिक पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचा है। यहां आपदा से 37 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। हालांकि अस्थायी तौर पर इन योजनाओं का सुधारीकरण कर पेयजल आपूर्ति बहाल की गई है।
यूपीसीएल के पास ट्रांसफार्मर नहीं
अल्मोड़ा। प्रभारी मंत्री की बैठक में यूपीसीएल के खोखले दावों की पोल खुली है। प्रभारी मंत्री डॉ. रावत ने यूपीसीएल से आपदाकाल में बिजली आपूर्ति की जानकारी ली। इस पर ईई कन्हैया जी मिश्रा ने बताया कि जिले में वर्तमान में एक भी ट्रांसफार्मर मौजूद नहीं है। ऐसे में साफ है कि यदि आपदाकाल में कोई भी ट्रांसफार्मर जवाब देता है तो संबंधित क्षेत्र के लोगों को बिजली नहीं मिलेगी और यूपीसीएल के पास बदलने के लिए नया ट्रांसफार्मर नहीं होगा। बावजूद इसके आपदाकाल में लोगों को राहत देने के दावे खूब हो रहे हैं।
जर्जर 23 विद्यालयों के बच्चों को अन्य विद्यालयों में किया शिफ्ट
अल्मोड़ा। प्रभारी मंत्री की बैठक में सीईओ हेमलता भट्ट ने बताया कि जिले में 23 विद्यालय बैठने लायक नहीं है। इन क्षतिग्रस्त विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाना खतरनाक है। ऐसे में इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को अन्य विद्यालयों में शिफ्ट किया गया है। बैठक में उठा यह मामला शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी के दावों को खोखला साबित करने के लिए काफी है।