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Almora News: विकास की बाट जोह रहा चौखुटिया का भैरवनाथ मंदिर
Tue, 14 Apr 2026 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 14 Apr 2026 10:55 PM IST
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। गढ़वाल और कुमाऊं की आस्था का प्रमुख केंद्र भैरवनाथ मंदिर आज भी विकास की बाट जोह रहा है। 2021 में इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है जिससे जनता में नाराजगी है।
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मंदिर में वर्षभर श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन यहां अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों के अनुसार 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा दौरे के दौरान मंदिर के विकास की घोषणा की थी। यह घोषणा तत्कालीन विधायक महेश नेगी के आग्रह पर की गई थी जिससे क्षेत्र में विकास की उम्मीद जगी थी।
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ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के विकास के लिए 197.43 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। लोगों का मानना है कि यदि मंदिर को पर्यटन मानचित्र पर विकसित किया जाए तो इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार मिलेंगे।
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उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रस्ताव को मंजूरी देकर विकास कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि आस्था के इस प्रमुख केंद्र की अनदेखी बंद कर शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं।
क्या बोले लोग
आस्था के प्रमुख केंद्र के लिए की गई घोषणा का अभी तक पूर्ण न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस विषय पर शासन प्रशासन से अनेक बार पत्राचार करने के बावजूद भी कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
सुरेंद्र संगेला, सचिव, भैरव मंदिर विकास समिति
साल 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा प्रथम घोषणा भैरव गढ़ी मंदिर के लिए की गई थी। उसके बावजूद घोषणा कोरी रह गई है। सरकार को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए।
नंदन सिंह नेगी, अध्यक्ष, भैरवनाथ मंदिर विकास समिति