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बाबा ने खत्म कर दी थी रुहानी ताकत
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ रानीखेत (अल्मोड़ा)
Updated Sun, 24 May 2015 12:34 AM IST
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पांच साल की उम्र में कोई बड़ी रुहानी ताकत मेरे अंदर समाई थी, जिसके चलते अचानक कभी मैं इस जंगल में तो कभी दूसरे जंगल गुम हो जाती थी। छोटी सी उम्र में वह अपने जन्म स्थान चावपुरा यूपी से रानीखेत पहुंची तो कालू सय्यद बाबा की कृपा से रुहानी ताकत गायब हो गई। तब से माई के साथ वह रानीखेत में ही रहने लगी।
बाबा में असीम शक्ति है। वह ताउम्र बाबा की मजार पर चादर चढ़ाएंगी। यह कहना है किन्नरों की माई अनीता का।
20 साल पहले किन्नरों की माई फिदा हुसैन उर्फ नुरेशी ने उन्हें गद्दी सौंपी तो इसके बाद से ही वह हर साल अपने चेलों के साथ कालू सय्यद बाबा की मजार पर चादर चढ़ाती हैं।
इसके अलावा क्षेत्र, प्रदेश, देश और समाज की सलामती की दुआएं भी मांगती हैं। वह चाहती हैं कि समाज उन्हें हेय दृष्टि से न देखे, इसके लिए वह किन्नरों के लिए बड़ा आशियाना खोलना चाहती हैं और उनके उत्थान के लिए कार्य करना चाहती हैं।
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मालूम हो कि किन्नरों की कालू सय्यद बाबा में असीम आस्था है। पिछले 20 सालों से किन्नर अपनी माई अनीता के नेतृत्व में यहां मजार पर चादर चढ़ाते हैं। चादर चढ़ाने के लिए दूर दराज से भी कई किन्नर माइयां पहुंचती हैं। इस बार केरल से सीमा आई हुई हैं। सीमा कहती हैं कि वह पिछले डेढ़ साल से यहां आ रही हैं।
वह जाति मजहब के बजाए अध्यात्म में विश्वास करती हैं। कलियर पिरान से पहुंची रेखा ने बताया कि वह कई सालों से यहां चादर चढ़ाती हैं। किन्नर अनीता का कहना है कि बाबा कालू सय्यद में असीम शक्ति है। वह उम्र भर यहां चादर चढ़ाएंगी। रानीखेत में ही अब तक वह 150 चेले बना चुकी हैं।
कालू सय्यद बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने से पूर्व किन्नरों ने जाम मस्जिद के समीपवर्ती निवास पर कव्वालियों का आयोजन किया। इसके बाद शाम को पूरी बाजार में चादर घुमाई और बाबा की मजार पर चढ़ाई। किन्नरों की माई अनीता का कहना है कि वह हर धर्म, जाति के लोगों सेे समान व्यावहार रखती हैं। मलंग और साधु-संतों से ज्ञान लेती हैं।
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बाबा में असीम शक्ति है। वह ताउम्र बाबा की मजार पर चादर चढ़ाएंगी। यह कहना है किन्नरों की माई अनीता का।
20 साल पहले किन्नरों की माई फिदा हुसैन उर्फ नुरेशी ने उन्हें गद्दी सौंपी तो इसके बाद से ही वह हर साल अपने चेलों के साथ कालू सय्यद बाबा की मजार पर चादर चढ़ाती हैं।
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इसके अलावा क्षेत्र, प्रदेश, देश और समाज की सलामती की दुआएं भी मांगती हैं। वह चाहती हैं कि समाज उन्हें हेय दृष्टि से न देखे, इसके लिए वह किन्नरों के लिए बड़ा आशियाना खोलना चाहती हैं और उनके उत्थान के लिए कार्य करना चाहती हैं।
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मालूम हो कि किन्नरों की कालू सय्यद बाबा में असीम आस्था है। पिछले 20 सालों से किन्नर अपनी माई अनीता के नेतृत्व में यहां मजार पर चादर चढ़ाते हैं। चादर चढ़ाने के लिए दूर दराज से भी कई किन्नर माइयां पहुंचती हैं। इस बार केरल से सीमा आई हुई हैं। सीमा कहती हैं कि वह पिछले डेढ़ साल से यहां आ रही हैं।
वह जाति मजहब के बजाए अध्यात्म में विश्वास करती हैं। कलियर पिरान से पहुंची रेखा ने बताया कि वह कई सालों से यहां चादर चढ़ाती हैं। किन्नर अनीता का कहना है कि बाबा कालू सय्यद में असीम शक्ति है। वह उम्र भर यहां चादर चढ़ाएंगी। रानीखेत में ही अब तक वह 150 चेले बना चुकी हैं।
कालू सय्यद बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने से पूर्व किन्नरों ने जाम मस्जिद के समीपवर्ती निवास पर कव्वालियों का आयोजन किया। इसके बाद शाम को पूरी बाजार में चादर घुमाई और बाबा की मजार पर चढ़ाई। किन्नरों की माई अनीता का कहना है कि वह हर धर्म, जाति के लोगों सेे समान व्यावहार रखती हैं। मलंग और साधु-संतों से ज्ञान लेती हैं।